

कुशीनगर। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति (फेज-5.0) के अंतर्गत शनिवार को तुलसी इंटरमीडिएट कॉलेज, पडरौना में एक विशेष जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय था — “घरेलू हिंसा एवं दहेज उन्मूलन”, जिसमें छात्र-छात्राओं को समाज में व्याप्त इन कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया गया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि यह अभियान महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर श्री नलिन सिंह ने घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा के दुष्परिणामों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई न केवल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाती है, बल्कि समाज की प्रगति में भी बाधा बनती है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे ऐसी किसी भी घटना के साक्षी बनने पर चुप न रहें, बल्कि प्रशासनिक हेल्पलाइन का प्रयोग करें।
कार्यक्रम में श्रीमती रीता यादव, सेंटर मैनेजर, ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं जैसे कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री विवाह अनुदान योजना, महिला शक्ति केंद्र योजना आदि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
वहीं चाइल्ड एजुकेटर वन्दना गुप्ता ने विद्यार्थियों को राज्य में संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी, जिनमें चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), वुमेन हेल्पलाइन (1090), वन स्टॉप सेंटर (181), पुलिस आपातकालीन नंबर (112), एंबुलेंस सेवा (108) और जननी एक्सप्रेस (102) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन नंबरों के माध्यम से जरूरतमंद व्यक्ति त्वरित सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग से प्रीति सिंह और वन्दना कुशवाहा, जेंडर स्पेशलिस्ट, भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए।
विद्यालय की प्राचार्य सहित सभी आचार्यगण और लगभग 220 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सार्थक बनाया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था — “महिलाओं का सम्मान ही समाज का सम्मान है” और “दहेज मुक्त भारत ही सशक्त भारत का निर्माण करेगा।”




