

जनपद कुशीनगर।
दीपों के महापर्व दीपावली पर जहां पूरा देश खुशियों, उमंग और उल्लास की रोशनी में नहाया हुआ है, वहीं कुशीनगर पुलिस ने भी इस अवसर को समाज और अपने परिवार दोनों के प्रति समर्पण के एक अनोखे संदेश के रूप में मनाया। आज दिनांक 20.10.2025 को पुलिस लाइन, कुशीनगर में पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार द्वारा एक विशेष पारिवारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों के परिजनों व बच्चों के साथ दीपावली की खुशियाँ बाँटी गईं। मिष्ठान वितरण, आत्मीय संवाद और सौहार्द से भरे इस आयोजन ने पुलिस लाइन को एक परिवार की तरह जीवंत कर दिया।
पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार ने बच्चों को अपने हाथों से मिष्ठान वितरित कर दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान पूरा माहौल भावनात्मक और उत्साहपूर्ण रहा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा—
“दीपावली सिर्फ प्रकाश का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, एकता, सकारात्मकता और परिवारिक मूल्यों का संदेश है। पुलिस बल चौबीसों घंटे समाज की सुरक्षा में तैनात रहता है, ऐसे में पुलिस परिवार भी इस खुशियों के पर्व का हिस्सा बने, यही इस आयोजन का उद्देश्य है।”
एसपी ने कहा कि पुलिसकर्मी जब ड्यूटी निभाते हैं, तब उनके परिवार भी उतने ही त्याग से जीवन जीते हैं। इसलिए त्योहारों पर ऐसे कार्यक्रम मनाना, पुलिस बल में मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है।
✨ सौहार्द, अपनापन और परिवार – कार्यक्रम की खास बातें
कार्यक्रम में शामिल बच्चों की खिलखिलाहट, परिजनों की मुस्कान और उत्सव के रंगों ने यह साबित कर दिया कि वर्दी के पीछे भी एक परिवार, संवेदनाएँ और रिश्तों की गर्माहट बसती है। दीपावली की रौनक में जब पुलिस कर्मियों के बच्चे खुशी से झूमते दिखे, तो बड़े अधिकारी भी सहज, सरल और आत्मीय भाव में उनके बीच घुलते-मिलते नज़र आए।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी परिवारों से संवाद करते हुए कहा कि—
“त्योहार हमें जोड़ते हैं, ऊर्जा देते हैं और रिश्तों में मिठास घोलते हैं। पुलिस परिवार का हर सदस्य इस बड़ी व्यवस्था का हिस्सा है। इसलिए यह पर्व हम सब मिलकर मनाएँ और समाज को भी प्रेम, शांति और सुरक्षित वातावरण का संदेश दें।”
✨ सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष बल – शांति और पर्यावरण की अपील
उत्सव के साथ-साथ एसपी ने पर्व के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कुशीनगर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा जिले में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं।
पुलिस अधीक्षक ने जनता से अपील की—
पटाखों का प्रयोग संयमित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से किया जाए
यातायात नियमों का पालन हो
किसी भी संदिग्ध गतिविधि या समस्या पर तुरंत पुलिस को सूचना दें
पर्व को भाईचारे, सद्भाव और शांति के साथ मनाएँ
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान जिले में पर्याप्त पुलिस बल, रात्रि गश्त, इंटेलिजेंस निगरानी, पेट्रोलिंग और विशेष पिकेट ड्यूटी सुनिश्चित की गई है, जिससे आमजन बिना भय और तनाव के पर्व का आनंद उठा सकें।
✨ पुलिस परिवार का मनोबल – सेवा के साथ उत्सव भी आवश्यक
कार्यक्रम ने एक सशक्त संदेश दिया कि पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाला बल ही नहीं, बल्कि एक जीवंत मानवीय समुदाय भी है, जिसमें परिवार, संस्कार और सामाजिक दायित्व समान रूप से सांस लेते हैं। यह आयोजन पुलिस कर्मियों के मनोबल को ऊर्जा देने वाला तो था ही, साथ ही इससे यह विश्वास भी मजबूत हुआ कि—
जो बल समाज की सुरक्षा करता है, समाज का त्योहार भी उनका है।
ड्यूटी, अनुशासन और सेवा के बीच परिवार को समय देने की यह पहल न केवल पुलिसकर्मियों, बल्कि उनके बच्चों के लिए भी यादगार बन गई।
कुशीनगर पुलिस का यह दीपावली आयोजन एक सकारात्मक संदेश देता है कि सुरक्षा-व्यवस्था और त्योहार की खुशियाँ—दोनों साथ चल सकती हैं, बशर्ते उनमें संवेदना, संतुलन और समर्पण की रोशनी हो। पुलिस लाइन में मनाया गया यह उत्सव बताता है कि पुलिस परिवार सिर्फ वर्दी वाला तंत्र नहीं, बल्कि संवेदनशील और सामुदायिक भाव से परिपूर्ण एक बड़ी संस्था है।
