
कुशीनगर, 23अक्टूबर। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाने वाली गोवर्धन पूजा पर गुरुवार को कुशीनगर में आस्था की अद्भुत छटा देखने को मिली। सुबह से मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण के प्रतीक स्वरूप गोवर्धन पर्वत की पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर भाई–बहन के रिश्ते को समर्पित पारंपरिक अनुष्ठानों ने त्यौहार को और अधिक भावपूर्ण बना दिया।
परिवारों में बहनों ने अपने भाइयों की आरती उतारकर लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना की, वहीं भाइयों ने रक्षा और सम्मान का वचन दोहराया। घर-घर महिलाओं ने गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिमा बनाकर अन्नकूट का प्रसाद सजाया और सामूहिक भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया। बच्चों और युवाओं में भी मेला, झूले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला।
नगर में विभिन्न स्थानों पर सजे अन्नकूट, भंडारे और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन और स्थानीय समिति सक्रिय दिखी। धर्माचार्यों ने संदेश दिया कि यह पर्व हमें प्रकृति, परिवार और रिश्तों के संरक्षण का सूत्र सिखाता है।
गोवर्धन पूजा न केवल श्रीकृष्ण की लीला का स्मरण है, बल्कि भाई–बहन के अविछिन्न स्नेह, प्रेम और सुरक्षा के व्रत का जीवंत प्रतीक भी। पर्व ने एक बार फिर समाज में संरक्षण, सहयोग और समर्पण की भावना को सुदृढ़ किया।
