
“अंतिम नोटिस, फिर सीधी कार्रवाई”, आशा कार्यों और टीकाकरण पर भी सख़्ती
कुशीनगर, 27 अक्टूबर। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, योजनाओं की प्रगति, संस्थागत प्रसव, आशा कार्यकत्रियों के भुगतान, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों के टीकाकरण, “मंत्रा” पोर्टल पर डाटा फीडिंग, मातृ-शिशु मृत्यु रिपोर्टिंग, जन्म-पंजीकरण एवं ई-संजीवनी सेवाओं पर बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में सबसे बड़ी चर्चा जनपद में मौजूद लगभग 225 अपंजीकृत अस्पतालों पर हुई, जिन पर सीडीओ ने सीधी और सख़्त कार्रवाई का आदेश जारी किया।
सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि “अपंजीकृत अस्पताल मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों को अंतिम नोटिस देकर निर्धारित समय में पंजीकरण कराने का मौका दिया जाए, इसके बाद किसी भी स्तर पर ढिलाई या समझौते की गुंजाइश नहीं रहेगी। समय रहते अनुपालन न करने वालों पर ज़िला प्रशासन सीधी कार्रवाई करेगा।” साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रभावी निगरानी एवं कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
बैठक में आशा बहुओं के कार्यों की समीक्षा भी प्रमुख मुद्दा रहा। सीडीओ ने कहा कि आशाओं की नियमित मॉनिटरिंग, मूल्यांकन और भुगतान समय से कराया जाए। निष्क्रिय आशाओं को अंतिम चेतावनी जारी कर कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने पीएचसी/सीएचसी पर प्रसव सेवाओं को मजबूत करने, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और चिकित्सीय भवनों को आवश्यक उपकरणों से लैस करने पर बल दिया।
सीडीओ ने सभी एमओआईसी को VHSND सत्रों का फील्ड निरीक्षण अनिवार्य रूप से करने, तथा जिन क्षेत्रों में टीकाकरण से बच्चे छूट गए हैं वहां विशेष अभियान चलाकर “कम्प्लीट इम्यूनाइजेशन” सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान और गोल्डन कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराज़गी जताते हुए सुधार की समयसीमा तय की।
बैठक में आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती के लिए पोर्टल के माध्यम से एजेंसी चयन, प्रसूताओं के निःशुल्क भोजन के लिए एजेंसी चयन जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। डिजिटल मॉनिटरिंग को बढ़ावा देते हुए सीडीओ ने ई-संजीवनी, ई-कवच और मंत्रा पोर्टल पर फीडिंग में और सुधार लाने के निर्देश दिए और कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता डिजिटल प्रणाली से ही मजबूत होगी।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंद्र प्रकाश, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आर.के. शाही, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एसीएमओ, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त एमओआईसी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सीडीओ ने अंत में कहा — “लक्ष्य स्पष्ट है — बेहतर स्वास्थ्य सेवा, तेज़ निगरानी और शून्य लापरवाही।”

