
📰 विलेज फास्ट टाइम्स – कुशीनगर
दिनांक – 01 नवम्बर 2025
कुशीनगर। जिले में पुलिसिंग को बेहतर और जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री केशव कुमार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। कार्य में लापरवाही और विवेचनाओं के निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एसपी ने 36 उपनिरीक्षकों का अक्टूबर माह का वेतन रोक दिया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई उन विवेचकों पर की गई है जिन्होंने माह अक्टूबर में सबसे कम विवेचनाओं का निस्तारण किया। एसपी ने पूर्व में ही चेतावनी दी थी कि “विवेचना कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”, इसके बावजूद कई थानों में प्रगति बेहद धीमी रही।
यह कार्रवाई जनपद के निम्न थानों से जुड़े उपनिरीक्षकों पर की गई है —
पडरौना, जटहां बाजार, कबेरथान, कप्तानगंज, रिविनद्र नगर धूस, हाटा, कसया, हरौली बाजार, पटहेरवा, तरया सुजान, तमकुहीराज, चौरी चौरा खास, सेवरही, विशुनपुरा, बरवापट्टी, खड्डा, हनुमानगंज, नेबुआ नौरंगिया, रामकोला तथा अन्य संबद्ध चौकियों के विवेचक शामिल हैं।
(कुल योग: 36 उपनिरीक्षक)
एसपी कुशीनगर श्री केशव कुमार ने साफ कहा —
“जो अधिकारी समय पर विवेचना निस्तारित नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध वेतन रोकने के अलावा अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाही भी होगी। मेहनती और ईमानदार पुलिसकर्मियों को सम्मान और लापरवाहों को सज़ा मिलेगी।”
इस निर्णायक कदम से पूरे जिले में हलचल मच गई है। सभी थाना प्रभारियों को अब विवेचना कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह आदेश जिले में कार्यकुशलता और जवाबदेही की नई मिसाल बनेगा।
जनता ने भी इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि एसपी की सख्ती से पुलिसिंग में नई ऊर्जा आएगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
