

विलेज फास्ट टाइम्स, जनपद कुशीनगर
दिनांक – 09 नवंबर 2025
जुलाई 2026 से प्रारंभ हो पठन-पाठन, युद्धस्तर पर पूरे हों निर्माण कार्य के सभी चरण
कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को जनपद के ऐतिहासिक धरती पर बन रहे महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की तथा निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय न सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषि विकास की दिशा बदलेगा, बल्कि यह किसानों की समृद्धि और युवाओं के रोजगार का केंद्र बनेगा।
सीएम योगी ने कहा कि महात्मा बुद्ध के नाम पर स्थापित हो रहा यह विश्वविद्यालय “डबल इंजन की सरकार” की बड़ी देन है, जो किसानों, युवाओं और तकनीकी क्षेत्र में पूर्वांचल को नई दिशा देगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जुलाई 2026 के सत्र से विश्वविद्यालय में पठन-पाठन प्रारंभ कराने के लिए अभी से युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया जाए।
अक्टूबर 2026 से पहले पूरा हो निर्माण, गुणवत्ता पर न हो कोई समझौता – सीएम योगी
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य की बारीकियों को देखा और भवनों की संरचना, प्रयोगशालाओं, छात्रावासों और प्रशासनिक ब्लॉक के कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण में गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा,
“कार्यदायी संस्था ने अक्टूबर 2026 तक भवन तैयार करने की बात कही है, लेकिन हमारी कोशिश होगी कि यह काम लक्षित समय से पहले पूरा हो, ताकि जुलाई 2026 तक प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर अगस्त-सितंबर में नियमित कक्षाएं प्रारंभ की जा सकें।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगाह किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय पूर्वांचल के विकास की आधारशिला है, इसलिए इसकी हर ईंट किसानों के भविष्य से जुड़ी है।
कृषि, प्रौद्योगिकी और नवाचार का संगम बनेगा यह विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुशीनगर और आसपास का इलाका कृषि की दृष्टि से अत्यंत उर्वरा है। यहां के किसान मेहनतकश हैं और हर फसल में अपनी लगन का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश को बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क मिला है, जिससे कृषि उत्पादों के विपणन में भी सुविधा हुई है।
“इस क्षेत्र में पर्याप्त जल संसाधन हैं, भूमि उपजाऊ है, अब जरूरत है आधुनिक तकनीक के उपयोग की। यही कार्य यह विश्वविद्यालय करेगा। यह किसानों को नई तकनीक से जोड़ेगा, औद्यानिक फसलों, गन्ना और धान की उपज को बढ़ाएगा, और युवाओं को कृषि आधारित उद्योगों में रोजगार का अवसर प्रदान करेगा,” मुख्यमंत्री ने कहा।
सीएम ने बताया कि विश्वविद्यालय में कृषि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि इंजीनियरिंग तथा उद्यानिकी से जुड़े विषयों पर विशेष कोर्स शुरू किए जाएंगे। इससे कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और पड़ोसी बिहार के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।
“किसानों की समृद्धि, युवाओं के भविष्य का माध्यम बनेगा यह विश्वविद्यालय”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार की मंशा है कि यह विश्वविद्यालय “किसान और तकनीक के बीच सेतु” का कार्य करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
“पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि को नई दिशा देने वाला यह विश्वविद्यालय किसानों की समृद्धि का माध्यम बनेगा और नौजवानों को रोजगार का अवसर देगा। यह विश्वविद्यालय पूर्वांचल के विकास का नया अध्याय लिखेगा,” उन्होंने कहा।
सीएम योगी ने विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि यह परियोजना महात्मा बुद्ध की पवित्र धरती पर एक “ज्ञान और प्रगति का तीर्थस्थल” साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि यहां से कृषि अनुसंधान और नवाचार की ऐसी धारा बहाना है जो आने वाले दशकों तक किसानों की दिशा और दशा दोनों बदलेगी।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद विजय कुमार दूबे, क्षेत्र के विधायकगण, मंडलायुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने निर्माण स्थल पर जाकर कार्यों की जानकारी ली और विश्वविद्यालय के आगामी स्वरूप का अवलोकन किया।
योगी आदित्यनाथ का कुशीनगर दौरा बना ऐतिहासिक
बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार से लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी का यह दौरा कुशीनगर के लिए खास रहा। उन्होंने सबसे पहले म्यांमार बौद्ध विहार पहुंचकर बौद्ध धर्मगुरु अग्गमहापंडित भदंत ज्ञानेश्वर को श्रद्धांजलि अर्पित की और फिर सीधे विश्वविद्यालय पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र न केवल बुद्ध की धरती है, बल्कि भारत की कृषि आत्मा का केंद्र भी है। यहां से शुरू होने वाला यह विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में पूर्वी भारत के कृषि परिवर्तन का प्रतीक बनेगा।
विलेज फास्ट टाइम्स
रिपोर्टर – धर्मेन्द्र पांडेय, कुशीनगर
(कुशीनगर ब्यूरो – विशेष संवाद) 📰






