
11 नवम्बर| विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर। शासन की मंशा के अनुरूप अब कोई भी पात्र व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। जिले में असहाय, वृद्ध एवं दिव्यांगजनों तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील पहल की है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जो लाभार्थी शारीरिक असमर्थता, वृद्धावस्था या अन्य कारणों से उचित दर की दुकान पर स्वयं जाकर राशन प्राप्त नहीं कर सकते, उन्हें उनके घर तक खाद्यान्न सामग्री पहुंचाई जाए।
डीएम ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को शासन द्वारा निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। परंतु कई ऐसे लाभार्थी हैं जो उम्र, बीमारी या दिव्यांगता के कारण खुद राशन लेने नहीं जा पाते। ऐसे में अब उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए उचित दर विक्रेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे स्वयं खाद्यान्न उनके घर तक पहुंचाएं।
उन्होंने सभी तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों और उचित दर विक्रेताओं को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार करें और सुनिश्चित करें कि किसी भी स्थिति में कोई पात्र व्यक्ति खाद्यान्न से वंचित न रह जाए। यदि किसी परिवार में कोई सक्षम सदस्य उपलब्ध नहीं है, तो उस परिवार को प्रशासनिक स्तर पर घर तक नियमित रूप से राशन वितरण की व्यवस्था की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय अधिकारी समय-समय पर वितरण व्यवस्था की मैदानी निगरानी करें ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को कठिनाई न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह पहल न केवल शासन की जनकल्याणकारी सोच को सशक्त बनाती है बल्कि उन लोगों के लिए भी बड़ी राहत है जो असमर्थता के कारण अब तक राशन प्राप्त करने में कठिनाई झेल रहे थे।
“प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है – कोई भूखा न रहे, हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे अन्न का अधिकार।”
