
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
18 नवंबर 2025
जनपद कुशीनगर में पुलिस कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार ने हाल ही में एक सख्त निर्देश जारी किया था। उन्होंने आदेश दिया था कि जनता से प्राप्त शिकायतों और प्रार्थना-पत्रों की जांच 24 घंटे के भीतर पूरी की जाए और जांच अधिकारी स्वयं आवेदकों के घर जाकर मुलाकात करें, ताकि समस्याओं का निस्तारण तेज़ी और पारदर्शिता से हो सके।
लेकिन आज 18 नवंबर को एसपी के निर्देशों के पालन में कुछ अधिकारियों द्वारा की गई लापरवाही सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा ने अर्दली रूम में सभी संबंधित जांच अधिकारियों की बैठक बुलाई और निर्देशों की अनुपालना में शिथिलता बरतने पर कड़ी नाराज़गी जाहिर की।
सूत्रों के अनुसार, इस गोष्ठी में कई ऐसे प्रार्थना-पत्र सामने आए जिन्हें निर्धारित समय सीमा में न तो जांच अधिकारी ने पूरा किया था और न ही आवेदकों से संपर्क किया गया था। इस पर एएसपी सिद्धार्थ वर्मा ने अधिकारियों से कड़े लहजे में सवाल पूछे—
“जब पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिए थे, तो समय से कार्रवाई क्यों नहीं हुई?”
गोष्ठी में मौजूद अधिकारियों के पास सवालों के जवाब कम और स्पष्टीकरण ज्यादा थे। कई अधिकारी मौन खड़े रहे तो कई ने प्रक्रिया में देरी का हवाला देने की कोशिश की, लेकिन एएसपी की नाराज़गी के आगे कोई भी दलील टिक नहीं पाई।
एएसपी ने सभी जांच अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि—
24 घंटे के अंदर सभी लंबित प्रार्थना-पत्रों की जांच हर हाल में पूरी करें।
आवेदकों से उनके घर जाकर मुलाकात करना अनिवार्य है।
तथ्यों के आधार पर तत्काल और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग के अंदरूनी सूत्र मानते हैं कि यह सख्ती आने वाले दिनों में बड़े बदलाव का संकेत है। अब जांच अधिकारियों को हर शिकायत पर गंभीरता से काम करना होगा। जनता भी उम्मीद कर रही है कि एसपी और एएसपी की इस पहल से शिकायतों के निस्तारण की गति तेज़ होगी और पुलिस-जनता के बीच विश्वास मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, कुशीनगर पुलिस प्रशासन का यह कदम दर्शाता है कि अब देरी या ढिलाई को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी के निर्देश और एएसपी की सख्त चेतावनी ने विभाग को यह संदेश दे दिया है कि “जनता की शिकायत सर्वोच्च प्राथमिकता है” और उसका समाधान त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से ही होना चाहिए।
— रिपोर्ट: विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर


