
19 नवंबर, विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर।
मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने और उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से आज हाटा तहसील सभागार एक बड़े जनसुनवाई कार्यक्रम का साक्षी बना। कार्यक्रम की अध्यक्षता उ.प्र. राज्य महिला आयोग की मा॰ सदस्य श्रीमती जनक नंदिनी ने की, जिन्होंने शुरुआत से अंत तक पूरे आयोजन को गंभीरता से मॉनिटर किया।
कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी योगेश्वर सिंह, क्षेत्राधिकारी कुन्दन कुमार सिंह, नायब तहसीलदार सुनील सिंह, तहसीलदार उषा सिंह, जिला प्रोबेशन टीम, बाल विकास परियोजना अधिकारी, परिवार न्यायालय काउंसलर, तथा महिला कल्याण से जुड़े तमाम अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की गहन समीक्षा की।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं से जुड़े कुल 15 प्रकरण सामने आए—
राशन कार्ड-01, पुलिस विभाग-05, राजस्व विभाग-06, कमिश्नरी विभाग-01, महिला कल्याण विभाग-01, बेसिक शिक्षा विभाग-01।
मा० सदस्य ने सभी मामलों को संबंधित विभागों को तत्काल प्रेषित करते हुए 7 दिनों के भीतर आख्या प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया।
इसके बाद मा० सदस्य ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हाटा का औचक निरीक्षण किया। मरीजों और परिजनों से बातचीत कर उन्होंने चिकित्सा व्यवस्था की वास्तविकता जानी और प्रभारी चिकित्साधिकारी को सख्त निर्देश दिए—“किसी भी दशा में बाहर की दवा न लिखी जाए।”
निरीक्षण का क्रम यहीं नहीं रुका। वे कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, हाटा पहुँचीं, जहाँ आवासित बालिकाओं के साथ बैठकर भोजन किया और उनके शिक्षा व सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया।
इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्र पगरा में गर्भवती महिलाओं को पोषण पोटली देकर सम्मानित किया गया। साथ ही 06 महीने के नवजात शिशु को अन्नप्राशन कराकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
अंत में मा० सदस्य ने वन स्टॉप सेंटर, कुशीनगर का औचक निरीक्षण कर महिला सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की।
हाटा में आयोजित यह जनसुनवाई कार्यक्रम महिलाओं को सुरक्षा, न्याय और सम्मान दिलाने की दिशा में बेहद प्रभावी और परिणामकेंद्रित साबित हुआ।



