
विलेज फ़ास्ट टाइम्स, कुशीनगर | 19 नवंबर
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस में आज किसानों की समस्याओं को अत्यंत गंभीरता से सुना गया और अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव सहित कृषि, गन्ना, सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत पिछले किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा से हुई। इसके बाद जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने चक मार्गों की खराब स्थिति, मनरेगा कार्यों में पाइप न लगाए जाने, मिक्स धान बीज की आपूर्ति, फॉर्मर रजिस्ट्री में अन्य ग्राम सभाओं की भूमि न जुड़ पाने, गन्ना क्रय केंद्रों पर घट तौल रोकने, 50 कुंतल के स्थान पर 60 कुंतल पर कांटा लॉक करने जैसी प्रमुख समस्याएं विस्तार से रखीं।
चक मार्ग भराई अब लेखपाल की रिपोर्ट पर—डीएम
किसानों की सबसे अधिक उठी मांग चक मार्गों की भराई को लेकर रही। डीएम ने इस पर बड़ा निर्णय लेते हुए कहा कि नगर पंचायतों में सम्मिलित ग्रामों में चक मार्गों की भराई अब लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर ईओ द्वारा अविलंब कराई जाएगी। इसके लिए आज ही सभी ईओ और एसडीएम को पत्र जारी किया जाएगा।
बीज केंद्रों पर अंगूठा न लगने की समस्या का समाधान
कई किसानों ने शिकायत की कि अंगूठा न लगने के कारण उन्हें बीज नहीं मिल पा रहा है। इस पर डीएम ने उप कृषि निदेशक को शासन को वैकल्पिक व्यवस्था हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
फॉर्मर रजिस्ट्री में अब जुड़ेंगी अन्य ग्राम सभाओं की भूमि
फॉर्मर रजिस्ट्री में तकनीकी दिक्कतों के संदर्भ में डीएम ने बताया कि पोर्टल अपडेट हो चुका है और अब अन्य ग्राम सभाओं की भूमि स्वतः जुड़ सकेगी। वहीं अन्य जनपद की भूमि जोड़ने हेतु शासन को अलग से पत्र भेजा जाएगा।
गन्ना क्रय केंद्रों पर होगा पारदर्शी तौल
गन्ना किसानों की मांग पर डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देश दिया कि सभी क्रय केंद्रों पर डिस्प्ले बोर्ड लगवाने का प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत किया जाए। साथ ही तौल कांटा 50 कुंतल से बढ़ाकर 60 कुंतल पर लॉक करने का निर्देश जारी किया गया, ताकि भार की पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को सही भुगतान मिल सके।
फसल क्षति पर मुआवज़ा दिलाने का आश्वासन
सेवरही क्षेत्र के लगभग 100 एकड़ धान फसल नष्ट होने की शिकायत पर डीएम ने इसे “जायज़ मांग” मानते हुए शासन से मुआवज़ा दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं मंगलपुर रजवाहा में जल प्रवाह अवरुद्ध होने की शिकायत पर एसडीएम कसया को कल तक निस्तारण का निर्देश फोन पर ही दे दिया गया।
पराली न जलाने की अपील—वायु प्रदूषण पर डीएम गंभीर
कृषकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि वायु गुणवत्ता दिन-प्रतिदिन प्रभावित हो रही है। ऐसे में पराली जलाना भारी प्रदूषण का कारण बनता है। उन्होंने किसानों से कहा कि विकल्प उपयोग करें, पराली कदापि न जलाएं।
हर तहसील में स्थापित होंगे बायो-CNG प्लांट
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की प्रत्येक तहसील में एक बायो-CNG प्लांट स्थापित किया जाएगा। एक प्लांट के लिए लगभग 25 एकड़ भूमि और 150–200 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। उन्होंने बताया कि तीन तहसीलों में भूमि चिन्हित हो चुकी है और शेष में चिन्हांकन जारी है। प्लांट बनने से ज़िले के विकास और किसानों की आय में नई ऊर्जा आएगी।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण में सभी की भागीदारी जरूरी
एसआईआर (प्रगाढ़ पुनरीक्षण) के तहत मतदाता सूची को शुद्ध बनाने की प्रक्रिया जारी है। डीएम ने किसानों से कहा कि वे अपने बीएलओ से संपर्क कर नाम जोड़ने–हटाने की कार्यवाही अवश्य पूरी कराएं।
किसान दिवस में जनपद भर से आए सैकड़ों किसानों की समस्याएँ सुनी गईं और विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। बैठक का समापन किसान हितों को सर्वोपरि रखने के संकल्प के साथ हुआ।



