
21 नवंबर, विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर पुलिस की तकनीकी दक्षता, सतर्कता और जनसेवा के प्रति समर्पण का एक और शानदार उदाहरण शुक्रवार को सामने आया, जब जनपद पुलिस ने विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी शिकायतों के आधार पर कुल 145 खोये हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिए। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 38 लाख रुपये बतायी जा रही है, जो पुलिस की अदम्य इच्छा शक्ति और त्वरित कार्रवाई का प्रतीक है।
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल प्राप्त कर रहे परिजनों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल खोने के बाद उनकी महत्वपूर्ण निजी जानकारियाँ, बैंकिंग डेटा, दस्तावेज और यादें भी चली गई थीं, जिन्हें वापस पाना अब असंभव लग रहा था। लेकिन कुशीनगर पुलिस ने यह साबित किया कि मेहनत और आधुनिक तकनीक के संयोजन से कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।
अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा ने मौके पर मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस प्रशासन जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा—
“मोबाइल सिर्फ एक उपकरण नहीं बल्कि आज की जिंदगी का अहम हिस्सा है। जनता के खोये हुए 145 मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को सौंपना हमारी टीम की मेहनत और तकनीकी ट्रेसिंग क्षमता का परिणाम है। हमारा लक्ष्य है कि हर पीड़ित को न्याय मिले और हर शिकायत का प्रभावी निस्तारण हो।”
एएसपी वर्मा ने यह भी बताया कि साइबर सेल और जनपद के विभिन्न थाना प्रभारियों ने गुमशुदगी दर्ज होने के बाद तत्परता से IMEI ट्रैकिंग, नेटवर्क सर्विलांस व स्थानीय इनपुट के आधार पर लगातार फॉलो-अप करते हुए यह बड़ी सफलता हासिल की। लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि गुम होने की घटना पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, जिससे मोबाइल ट्रेस करना आसान हो सके।
कार्यक्रम के अंत में मोबाइल पाकर कई लोगों ने भावुक होकर कुशीनगर पुलिस की प्रशंसा की।
निश्चित ही, यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सुरक्षा और संवेदनशीलता की मजबूत कड़ी बनने जा रही है।
—विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर







