


एडीएम वैभव मिश्र ने विज्ञान प्रदर्शनी की सराहना की
एडीएम वैभव कुमार मिश्र ने कहा कि “जगदीश पब्लिक स्कूल की विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने वाली सराहनीय पहल है।”
“शिक्षा के साथ कानून का व्यवहारिक ज्ञान समय की मांग” — जस्टिस राजेंद्र पाण्डेय
कुशीनगर।
“दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर अभ्यास—यदि यह तीन गुण आपके भीतर हैं, तो संसार की कोई भी मंज़िल कठिन नहीं।”
रविवार को गौरीश्रीराम स्थित जगदीश पब्लिक स्कूल के भव्य प्रांगण में विद्यालय के चतुर्थ स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस अधीक्षक कुशीनगर केशव कुमार ने यह प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए।
विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी सजावट, गुब्बारों और सांस्कृतिक धुनों से गूंज रहा था। जैसे ही एसपी का आगमन हुआ, छात्रों व शिक्षकों की तालियों ने पूरे वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।
मार्समेलो एक्सपेरिमेंट का उदाहरण देकर छात्रों को दी जीवन-शैली की सीख
अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने अमेरिका में हुए प्रसिद्ध मार्समेलो एक्सपेरिमेंट का उल्लेख करते हुए कहा कि “धैर्य ही व्यक्तित्व का असली परीक्षण है। जो स्वयं पर नियंत्रण रखता है, वही आगे चलकर बड़ी सफलता का अधिकारी बनता है।”
उन्होंने छात्रों को बताया कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में केवल पढ़ाई ही काफी नहीं, बल्कि आत्मविकास, अनुशासन, लक्ष्य की स्पष्टता और सकारात्मक दृष्टिकोण बेहद जरूरी है।
एसपी के शब्दों ने छात्रों को न सिर्फ प्रेरित किया बल्कि उपस्थित अभिभावकों को भी यह संदेश दिया कि समग्र व्यक्तित्व विकास ही आधुनिक शिक्षा का असली उद्देश्य है।
“सिर्फ किताब नहीं, व्यवहारिक कानून सीखना भी जरूरी” — जस्टिस राजेंद्र पाण्डेय
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित बेतिया (बिहार) के एडिशनल जज राजेंद्र पाण्डेय ने शिक्षा प्रणाली में व्यवहारिक ज्ञान की अनिवार्यता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा —
“बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें बुनियादी कानून, उनके अधिकार, कर्तव्य और सामाजिक व्यवस्था की समझ भी होनी चाहिए। तभी वे जागरूक नागरिक बन पाएंगे।”
उनकी यह बात छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए प्रेरक रही।
एडीएम वैभव मिश्र ने विज्ञान प्रदर्शनी की सराहना की
अपर जिलाधिकारी कुशीनगर वैभव कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में विद्यालय द्वारा हाल ही में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि
“जगदीश पब्लिक स्कूल ने ग्रामीण क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अप्रतिम कार्य किया है। ऐसी प्रदर्शनी बच्चों के भीतर नवाचार और खोज की भावना जगाती है।”
विधायक डॉ. असीम राय ने दी शुभकामनाएँ, डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय पर रखा दृष्टिकोण
तमकुहीराज विधायक डॉ. असीम राय ने अपने संबोधन में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय सचिव एवं राष्ट्रीय इतिहासकार डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि
“डॉ. पाण्डेय न सिर्फ एक विद्वान इतिहासकार हैं, बल्कि समाज व शिक्षा जगत में उनका योगदान अतुलनीय है।”
डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय ने रखी विकास की नई परिभाषा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. पाण्डेय ने कहा—
“बहुमुखी विकास किसी एक दिन का परिणाम नहीं, बल्कि सतत् अभ्यास, निरंतर अवलोकन और आत्मचिंतन का फल है। छात्र अपने आसपास की हर चीज़ को सीखने की दृष्टि से देखें। तभी वे जीवन में उच्च शिखर को छू सकेंगे।”
उनकी बातों ने पूरे माहौल को विचारशील और ऊर्जावान बना दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
समारोह की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई।
इसके बाद विद्यालय की छात्राओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं—
संगीत, नृत्य, देशभक्ति गीत, लोकनृत्य और आधुनिक कोरियोग्राफी…
हर प्रस्तुति पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
गरीमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया भव्य
इस अवसर पर
मदन मोहन पाण्डेय, आचार्य उमेश पाण्डेय, जयप्रकाश पाण्डेय, भाजपा उपाध्यक्ष दिवाकर मणि, गंगेश्वर पाण्डेय, धनंजय तिवारी, अरविंद पाण्डेय, दिग्विजय किशोर शाही, जटा जयसवाल, गुरुदत्त उपाध्याय, पारस नाथ सिंह, नीतीश कुमार, अंकुर
सहित कई सम्मानित व्यक्ति उपस्थित रहे।
समापन
भव्य आयोजन, प्रेरणादायक भाषण, मनमोहक प्रस्तुतियाँ और अकादमिक चिंतन—
इन सभी ने मिलकर जगदीश पब्लिक स्कूल के चतुर्थ स्थापना दिवस को अविस्मरणीय बना दिया।
छात्रों के मन में नई ऊर्जा, नए लक्ष्य और नयी सोच का संचार हुआ, जो विद्यालय की निरंतर प्रगति का संकेत है।
