
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर/तमकुहीराज से अमित कुमार कुशवाहा की खास रिपोर्ट
24 नवंबर 2025, समय : लगभग 8 बजे सुबह
कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज थाना अंतर्गत ग्राम सभा सरेया खुर्द में उस समय हड़कंप मच गया जब ग्राम के निवासी उमेश भारती का 10 वर्षीय पुत्र संदीप भारती दिनभर गायब रहने के बाद भी घर नहीं लौटा। संदीप रोज की तरह सुबह 8 बजे कोटवा गुलाब राय में संचालित निजी स्कूल के लिए घर से निकला था।
स्कूल का समय खत्म हुआ, दर्जनों बच्चे अपने-अपने घर लौट आए, लेकिन संदीप घर नहीं पहुंचा। जब देर शाम तक बच्चे के कदमों की आहट न मिली तो परिजनों की बेचैनी बढ़ी। घरवालों ने पहले अपने स्तर पर हर संभावित स्थान पर तलाश शुरू की—रिश्तेदारों के घर, आसपास के खेत, स्कूल परिसर, गांव के नुक्कड़—लेकिन बच्चे का कहीं कोई सुराग नहीं लगा।
घंटों तक चली खोजबीन के बाद जब आशा की अंतिम किरण भी मंद पड़ने लगी, तब परिजन तमकुहीराज थाना पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर गुहार लगाई कि उनके लापता बच्चे को जल्द-से-जल्द तलाशा जाए।
गौर करने वाली बात यह है कि स्कूल प्रबंधन को भी बच्चे के गायब होने की भनक नहीं लगी। न किसी शिक्षक ने ध्यान दिया और न ही यह जानने की कोशिश की कि कौन बच्चा स्कूल से निकला और कौन नहीं। यह लापरवाही प्रश्नचिह्न खड़ा करती है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर विद्यालय कितने सजग हैं?
परिजनों का आरोप है कि “स्कूल में निगरानी व्यवस्था लगभग नाम मात्र की है, बच्चों की उपस्थिति के बाद उनकी सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी जाती है।”
थाना पुलिस का कहना है कि तलाशी अभियान जारी है और तकनीकी व मैनुअल दोनों स्तरों पर बच्चे को खोजने की कोशिश हो रही है। लेकिन ग्रामीणों में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर प्रशासन हर बार घटना होने के बाद ही सक्रिय क्यों होता है? क्या बच्चों की सुरक्षा के लिए पहले से कोई ठोस व्यवस्था नहीं होनी चाहिए?
ग्रामवासियों में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्कूल और प्रशासन ने चौकन्नापन दिखाया होता, तो शायद घटना यह रूप न लेती।
फिलहाल, संदीप भारती की तलाश तेज कर दी गई है, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चल सका है। परिजन बदहवास हैं और गांव दहशत में।
विलेज फास्ट टाइम्स की टीम लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है।
प्रशासन कब जागेगा? एक और मासूम की सुरक्षा सवालों के कटघरे में है…

