
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
रातभर हंगामे से थर्राया मेडिकल कॉलेज परिसर
कुशीनगर।
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में देर रात वह मंजर सामने आया जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। प्रसूति के लिए भर्ती राबड़ी देवी (पत्नी शिव कुमार), निवासी ग्राम सभा बभनौली, थाना नेबुआ नौरंगिया (विधानसभा—पडरौना), की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दर्दनाक बात यह कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार, भगदड़ और बेकाबू गुस्सा फैल गया।
परिजनों का आरोप बेहद गंभीर है। उनका कहना है कि राबड़ी देवी कई घंटों तक दर्द से तड़पती रहीं, डॉक्टर और स्टाफ नदारद रहे, और नर्सिंग टीम ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि समय पर इलाज न मिल पाने और अव्यवस्था के कारण ही प्रसूता और बच्चे दोनों की जान चली गई। परिजन ज़ोर देकर कहते हैं—“यह प्राकृतिक मौत नहीं, यह अस्पताल की घोर लापरवाही का नतीजा है!”
घटना के बाद हंगामा इस कदर बढ़ा कि परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर शव को ज़बरन हटाने और मामले को दबाने की कोशिश का आरोप जड़ दिया। देखते ही देखते पूरा परिसर रोते-बिलखते परिजनों, नाराज़ लोगों और गुस्साई भीड़ से भर गया। कई लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि मौके पर मौजूद कर्मचारी भी सहम गए।
इधर सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर दौड़ी और हालात काबू में करने का प्रयास शुरू किया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को शांत कराने की काफी कोशिश की, लेकिन परिवार ने साफ कहा कि जब तक जिम्मेदार डॉक्टरों और स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। परिजनों ने यहां तक चेतावनी दे दी कि “अगर न्याय नहीं मिला, तो हम मुख्यमंत्री और मीडिया तक जाकर अपनी आवाज़ उठाएंगे।”
अस्पताल प्रशासन ने बयान जारी करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच बुलाई गई है और चिकित्सकीय रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। मगर परिजनों ने साफ कहा कि उन्हें अस्पताल के किसी भी वादे पर भरोसा नहीं है—“हमारा विश्वास पहले ही टूटा है।”
स्थानीय लोग भी जमकर भड़के। उनका कहना है कि यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर खामियों, स्टाफ की मनमानी और गहरी लापरवाही का ताज़ा उदाहरण है। हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और तीमारदारों के बीच भी दहशत फैल गई है।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और परिजन हर हाल में न्याय की मांग पर अड़े हैं।
कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में हुई यह दिल दहला देने वाली घटना लोगों के ज़हन में कई सवाल छोड़ गई है।
