

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
जिला चिकित्सालय में बीते कुछ महीनों से एक ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है, जिसने मानवता और सेवा के वास्तविक अर्थ को फिर से परिभाषित कर दिया है। कुशीनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश वर्मा और उनकी धर्मपत्नी प्रतिदिन अस्पताल परिसर में निःसहाय, गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अपने हाथों से भोजन करा रहे हैं। यह पहल न सिर्फ गरीबों के पेट भर रही है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों से ऊपर उठकर मानवीय सेवा का आदर्श उदाहरण भी स्थापित कर रही है।
डॉ. वर्मा दंपत्ति का यह प्रयास सुरेंद्र भाई शर्मा के सहयोग से नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। सुबह से ही जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें भोजन वितरण स्थल पर दिखाई देने लगती हैं। भोजन में पौष्टिकता, स्वच्छता और संतुलित आहार का विशेष ध्यान रखा जाता है, ताकि ज़रूरतमंद मरीजों को अस्पताल में रहते हुए किसी प्रकार की परेशानी न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की मानवीय पहल प्रशासन के उन पहलुओं को सामने लाती है, जिसकी आमतौर पर चर्चा कम होती है। जहां अक्सर अस्पतालों में संसाधनों की शिकायतें सुनने को मिलती हैं, वहीं सीएमओ द्वारा स्वयं समय निकालकर इस सेवा को बढ़ावा देना जिला प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों की मुस्कान, आभार और संतुष्टि इस बात का प्रमाण है कि यह प्रयास सीधे तौर पर उन लोगों तक राहत पहुंचा रहा है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। समाजसेवी संगठनों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि ऐसे कार्य पूरे जिले में सकारात्मक संदेश देते हैं।
कुल मिलाकर, कुशीनगर जिला अस्पताल में चल रहा यह सेवा अभियान सिर्फ भोजन वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक अध्याय बन गया है।
कुशीनगर जिला अस्पताल में CMO डॉ. चंद्र प्रकाश वर्मा और उनकी धर्मपत्नी द्वारा गरीब, निःसहाय मरीजों को रोजाना अपने हाथों से भोजन कराए जाने की सेवा ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। अद्भुत मानवीय पहल ने व्यवस्था को आईना दिखाते हुए संवेदनशीलता की मिसाल कायम की है।
