


हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है बुढ़न शाह का रौजा, दोनों समुदाय के लोगों की जमी रहती है भीड़
मेले में पुलिस चौकी स्थापित करने के साथ जगह-जगह लगाई गई है पुलिस फोर्स की ड्यूटी
विलेज फास्ट टाइम्स की खास रिपोर्ट
पडरौना कुशीनगर। जनपद के विकास खंड विशुनपुरा अंतर्गत जंगल शाहपुर में स्थित बूढनशाह के रौजे पर मंगलवार को मेला कमेटी के सचिव आलम मंसूरी के देखरेख में बुढ़न शाह के रौजे पर चादरपोशी करने के साथ मेला व उर्स का शुभारंभ किया गया था। यहा ग्यारहवीं की तिथि से एक माह तक रौजा पर उर्स व मेला लगता है। मेला में रविवार को पांचवें दिन भी दोनों समुदायों के लोगों की काफी संख्या में भीड़ थी। मेला लोगों की भीड़ से खचाखच भरी हुई थी लोग अपने मनपसंद झूलों पर झूलने के साथ मनपसंद के खाने खा रहे थे और दुकानों पर जमकर खरीदारी करते हुए लोग नजर आए। मेले में सुरक्षा के दृष्टि से पुलिस चौकी स्थापित किया गया है। तथा मेले में चारों तरफ जगह जगह पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगाई गई है जिससे किसी भी परिस्थिति से निपटा जा सके।
मेला कमेटी के सचिव आलम मंसूरी ने बताया कि मेला में काफी संख्या में भीड़ हो रही है। जिसको देखते हुए प्रशासन द्वारा कॉफी संख्या में पुलिस फोर्स मुहैया कराया गया है। मेला में किसी प्रकार का कोई दिक्कत नहीं है। शांति वातावरण में मेला चल रहा है। यहां किसी से कोई किसी प्रकार की शिकायत नहीं है। आलम मंसूरी के लड़का बहाउद्दीन अंसारी ने बताया कि मेला में झूला व दुकानों को व्यवस्थित कर दिया गया है। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है। मेले में पुलिस प्रशासन का भरपूर सहयोग मिल रहा है।
लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि उक्त मेले मैं जाने वाले लोगों में तीन हिस्सा से ज्यादा लोग झरही नदी पर स्थित पुल के रास्ते से होकर मेला में जाते है। और उस पुल का रेलिंग तीन सालों से लगभग 15 फीट तक पूर्ण रूप से टूटा हुआ है। पुल से नीचे नदी की दूरी लगभग 30 फिट है। जिससे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर उस पुल रास्ते जा रहे अगर कोई वाहन, बाइक सवार, साइकिल सवार या पैदल यात्री दुर्भाग्य वश टूटे रेलिंग के रास्ते
नदी में गिरता है तो उसकी क्या हालत होगी। उस रास्ते से आने जाने वाले लोगों को कभी भी नदी में गिरने कारण बड़ी घटना घटित हो सकती है। इसके पूर्व टूटे रेलिंग के रास्ते कई लोग झरही नदी में गिरने कारण गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं तथा कई का घायल होने कारण मौत भी हो चुकी है। लेकिन संबंधित विभागीय जिम्मेदारों के साथ समाज सेवी होने व समाज सेवा करने का की ढोल पीटने वाले दोनों समुदायों के लोगों लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों को भी दिखाई नहीं दे रहा है। जिससे आमजन की जान को बचाया जा सके।
उक्त पुल के टूटे रेलिंग के संबंध में जिलाधिकारी कुशीनगर महेंद्र सिंह तंवर सदर विधायक मनीष जायसवाल एसडीएम सदर पडरौना व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के साथ समाज सेवियों को भी मोबाइल फोन व लोकभारती दैनिक समाचार पत्र के 27 नवम्बर व 3 दिसम्बर अंक में प्रकाशित खबर व विलेज फास्ट टाइम्स के साथ साथ सोशल मीडिया के माध्यम से अवगत करा दिया गया है। लेकिन मेला शुभारंभ के चार दिनों के बाद तक टूटे पुल के रेलिंग को लेकर कोई कार्रवाई नहीं किया गया। जबकि डीएम एसडीएम के साथ सदर विधायक पडरौना ने मौके पर दिखवा कर कार्रवाई करने की बात कही थी। लेकिन कार्रवाई न होने के कारण कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। अब देखना आया है कि जिला प्रशासन द्वारा कौन सी ऐसी प्रभावी कार्रवाई की जाती है जिससे जन समस्याओं का समाधान हो सके।
