
08 दिसम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
कुशीनगर के विकास को मिले नए पंख, बुद्धा आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर, लिंगविस्टिक स्कूल और रिसोर्ट सिटी जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी
गोरखपुर मंडलायुक्त सभागार आज उस समय उत्साह और विकास के संकल्प का केंद्र बन गया जब कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) की 20वीं बोर्ड बैठक भव्य रूप से सम्पन्न हुई। इस बैठक में लिए गए निर्णयों ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में कुशीनगर का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है। पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति, शहरी विकास—हर क्षेत्र में नई लहर जगाने वाले फैसलों ने जिले के भविष्य को और अधिक उज्ज्वल कर दिया है।
बैठक की शुरुआत 06 फरवरी 2025 को हुई पिछली बैठक की पुष्टि के साथ हुई। इसके बाद 19वीं बैठक की अनुपालन रिपोर्ट अध्यक्ष कसाडा के समक्ष प्रस्तुत की गई। सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में कसया–देवरिया मार्ग/रामाभार मोड़ पर बनने वाले विशाल प्रवेश द्वार को नए डिजाइन के साथ पुनर्निर्मित करने तथा उसकी डीपीआर तैयार करने का फैसला शामिल रहा। सड़क चौड़ीकरण के चलते मॉडल को और भव्य स्वरूप देने की मंजूरी ने परियोजना की रौनक और बढ़ा दी है।
इसके साथ ही कसाडा ने क्षेत्र में एक हेक्टेयर से अधिक भूमि का लैंड बैंक तैयार करने और महायोजना-2021 में शामिल ग्रामों के सजरा मानचित्र सुपरइम्पोज कराने का निर्णय लिया। भारत सरकार की अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत कसाडा की महायोजना को अंतिम रूप देने के लिए लखनऊ के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह निर्णय बताता है कि कुशीनगर का विस्तार अब योजनागत और आधुनिक दृष्टि से किया जाएगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की भूमि मैत्रेय परियोजना के तहत अंकित है, इसलिए भूमि हस्तांतरण के बाद ही भू-उपयोग परिवर्तन संभव होगा। मैत्रेय परियोजना से पर्यटन विभाग को प्राप्त 50 एकड़ भूमि को सार्वजनिक सुविधाओं के लिए उपयोग किए जाने को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए और इसे शासन को संस्तुति भेजे जाने पर सहमति बनी।
ऐतिहासिक निर्णय — तीन मेगा प्रोजेक्ट्स ने बदली बैठक की दिशा
1. बुद्धा आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर — अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर बड़ा कदम
कुशीनगर में बौद्ध कला, संस्कृति और भगवान बुद्ध से संबंधित कलाकृतियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने हेतु बुद्धा आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया। यह सेंटर “विकसित उत्तर प्रदेश” और “वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी” के विजन को जमीन देने में अहम भूमिका निभाएगा।
जमीन लैंड पूलिंग स्कीम से उपलब्ध कराने की सम्भावना तलाशने के निर्देश भी दिए गए। परियोजना के डिजाइन, ड्राइंग और कैलकुलेशन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी/सीईओ कसाडा को सौंपी गई।
2. लिंगविस्टिक स्कूल — बढ़ते बौद्ध पर्यटन को नई ताकत
कुशीनगर में आने वाले विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए लिंगविस्टिक स्कूल स्थापित करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई। यह स्कूल विदेशी भाषाओं के अध्ययन का केंद्र बनेगा और पर्यटन उद्योग को नई दिशा देगा।
3. रिसोर्ट सिटी — कुशीनगर बनेगा डेस्टिनेशन वेंडिंग हब
बोर्ड ने पीपीपी मोड और लैंड पूलिंग के माध्यम से रिसोर्ट सिटी बनाने के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी। एयरपोर्ट क्षेत्र में कियॉस्क, वेंडिंग ज़ोन और अन्य पर्यटन गतिविधियों को विकसित करने पर सहमति बनी। यह परियोजना कुशीनगर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना सकती है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
सभी परियोजनाओं की डीपीआर, ड्राइंग और डिजाइन तैयार करने हेतु आर्किटेक्ट के एम्पैनलमेंट की स्वीकृति।
विधिक मामलों को मजबूत करने के लिए विधिक सलाहकार की नियुक्ति।
प्राधिकरण के संचालन के लिए एक वाहन आउटसोर्स पर उपलब्ध कराने की मंजूरी।
कुल मिलाकर कसाडा की 20वीं बोर्ड बैठक कुशीनगर के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। बुद्धा आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर से लेकर रिसोर्ट सिटी तक—ये फैसले न सिर्फ कुशीनगर का भविष्य बदलेंगे, बल्कि जिले को विश्व पर्यटन के शीर्ष श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे। कुशीनगर अब उड़ान भरने को तैयार है—और यह यात्रा आज की बैठक से शुरू हो चुकी है।



