
कुशीनगर।
रामपुर बंगरा स्थित देशी भट्टी की ताज़ा तस्वीर और उससे जुड़ा वायरल वीडियो जिले की व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि सुबह छह बजे से ही यहां से बिहार के लिए अवैध सप्लाई शुरू हो जाती है। तस्वीर में भट्टी कर्मचारी की मुस्कुराहट साफ इशारा करती है कि कारोबारियों की सिस्टम में कितनी गहरी पैठ है—मानो पूरा खेल “मैनेज” हो।
चर्चाओं में यह बात जोर पकड़ रही है कि यहां “किस रेट पर कौन मैनेज होता है” यह भले ही पर्दे में हो, लेकिन “कौन-कौन मैनेज है” यह जनता तक पहुंच चुकी बात है। अगर ये सब अफवाह है तो जिम्मेदारों का कर्तव्य है कि तत्काल जांच कर स्थिति स्पष्ट करें। लेकिन सवाल ये भी है—कार्रवाई गायब क्यों है?
चौकी से मात्र एक किलोमीटर दूरी, पर बदस्तूर जारी धंधा
रामपुर बंगरा भट्टी से महज सौ-दो सौ मीटर आगे बिहार की सीमा अवैध बाजार की तरह खड़ी दिखती है। युवा, बच्चे, बुजुर्ग, यहां तक कि महिलाएं भी शराब की बोतलें शरीर पर बांधकर बिहार के लिए निकल पड़ती हैं—जैसे मानव बम की तरह “ट्रांसपोर्टर” बने हुए हों।
चौंकाने वाली बात यह कि इन कारोबारियों को यूपी पुलिस का जरा भी भय नहीं है, जबकि तिनफेड़िया चौकी की जिम्मेदारी इसी क्षेत्र पर सबसे अधिक है। चौकी की भागदौड़ अक्सर इसी दिशा में देखी जाती है, फिर भी धंधा अनवरत जारी है—ये खुद बड़ा सवाल है।
नवागत कप्तान की सख्ती—फिर भी तस्वीरें बता रही हैं खेल खत्म नहीं
एसपी केशव कुमार की निगरानी में कई कार्रवाइयां हुईं, जिससे सिस्टम में हलचल जरूर है, मगर वायरल फोटो और वीडियो बता रहे हैं कि “मैनेजमेंट की पाठशाला” अभी भी खुली हुई है। चौकी की टीम नई है, पर धंधा पुराना—इतना पुराना कि यहां के चिखना कारोबारी इसके मुख्य सूत्रधार माने जाते हैं।
अबकारी विभाग भी आया हरकत में
अबकारी इंस्पेक्टर अभिषेक चौहान ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि संबंधित भट्टी को नोटिस दिया गया है और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बड़ा सवाल यही है—कब तक तस्कर भारी रहेंगे और कब अबकारी व पुलिस मिलकर इस खेल को सच में खत्म करेंगे?
