
विलेज फास्ट टाइम्स दुदही सुरेन्द्र कुमार रौनियार कुशीनगर से खास रिपोर्ट
कुशीनगर जनपद के दुदही नगर पंचायत में बीते महीने नवंबर में हुई मारपीट की घटना अब तूल पकड़ चुकी है। महीनों से दबे इस मामले ने तब जोरदार मोड़ ले लिया, जब न्यायालय के सख्त आदेश पर थाना विशुनपुरा पुलिस ने नगर पंचायत दुदही की अध्यक्षा श्रीमती शायदा खातून के पति मुमताज, पुत्र इमरान और उनके समर्थक दर्जनों ज्ञात-अज्ञात लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर दिया।
यह कार्रवाई न केवल राजनीतिक गलियारों में भूचाल लेकर आई है, बल्कि इससे यह भी संदेश गया है कि न्यायालय की निगाहों से कोई भी शक्तिशाली व्यक्ति बच नहीं सकता। विशेषकर तब, जब अध्यक्षा भाजपा की अल्पसंख्यक मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष हों और उनके बड़े पुत्र अजीम आलम की गिनती भाजपा के कई बड़े नेताओं के करीबी में होती हो।
मामला यहीं तक सीमित नहीं है—
2 नवंबर की दोपहर भाजपा कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता मनोज कुंदन पर कथित रूप से अजीम आलम की टीम के लोगों द्वारा पुलिस की मौजूदगी में हमला किए जाने का आरोप लगा था। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, उस समय पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए मनोज कुंदन और उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया, जबकि मनोज कुंदन की तहरीर को दरकिनार कर दिया गया।
इसी पुलिसिया ढिलाई और एकपक्षीय रवैये को लेकर मनोज कुंदन ने न्याय की गुहार न्यायिक मजिस्ट्रेट, कसया की अदालत में लगाई। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 घंटे के भीतर अभियोग दर्ज कर विवेचना शुरू करने का आदेश जारी कर दिया। न्यायालय के इस निर्देश ने मानो प्रशासनिक हलकों में कोलाहल मचा दिया, और अंततः पुलिस को मुकदमा दर्ज करने पर मजबूर होना पड़ा।
अब जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें— इमरान, मुमताज, विजय वर्मा, विक्की वर्मा, सोनू जायसवाल, जयराम, हरकेश, बिगन, अजय, सलामत सहित दर्जनों अज्ञात लोग शामिल हैं। इनपर जानलेवा हमला, लूट, साजिश रचना, जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत हुआ है।
यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण मानी जा रही है कि चाहे राजनीतिक रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून की पकड़ उतनी ही मजबूत रहती है। दुदही में यह घटनाक्रम राजनीतिक तापमान को और अधिक बढ़ा रहा है, वहीं न्यायालय की दृढ़ता पर आमजन के बीच भरोसा और मजबूत होता दिख रहा है।
सियासी ताकत, पुलिस का दोहरा रवैया और न्यायालय का कड़ा रुख—
इन सबके बीच दुदही का यह मामला आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बनता दिख रहा है।






