
कुशीनगर। जनपद में परंपरागत कारीगरों और श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 में जिले के 400 चयनित प्रशिक्षणार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण न केवल रोजगार के नए अवसर खोलेगा, बल्कि स्थानीय हुनर को नई पहचान भी दिलाएगा।
उपायुक्त उद्योग अभय कुमार सुमन ने बताया कि मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, खजनी–गोरखपुर के माध्यम से कुल 16 बैचों में यह प्रशिक्षण संचालित किया जाएगा। विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण देकर कारीगरों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता और बाजार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशिक्षण में सबसे अधिक 250 प्रशिक्षणार्थियों को दर्जी ट्रेड में शामिल किया गया है, जबकि हलवाई ट्रेड में 50 और लोहार, राजमिस्त्री, नाई एवं बढ़ई ट्रेड में 25-25 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कारीगरों को स्वरोजगार की राह पर मजबूती से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ 18 दिसंबर 2025 को प्रातः 10 बजे से राज पैलेस के निकट माँ धरम शमदा देवी मंदिर, रामकोला में होगा। कार्यक्रम का भव्य उद्घाटन माननीय विधायक रामकोला विनय प्रकाश गोंड द्वारा अपराह्न 1.00 बजे किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
उपायुक्त उद्योग ने सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों से अपील की है कि वे अपने मूल आधार कार्ड अथवा वैध पहचान पत्र के साथ समय से उपस्थित होकर प्रशिक्षण को गंभीरता से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि यह योजना हुनर, सम्मान और रोजगार को एक साथ जोड़ने का मजबूत माध्यम है, जिससे कारीगरों का भविष्य संवरेगा और जनपद की आर्थिक तस्वीर भी बदलेगी।
