
विलेज फास्ट टाइम्स जनपद कुशीनगर
दिनांक–17.12.2025
कुशीनगर। जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने और नई पीढ़ी को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे “साइबर जागरूकता अभियान” के तहत बुधवार को एक सशक्त और प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में साइबर सेल की टीम ने छात्राओं को साइबर अपराधों के खतरों से रूबरू कराते हुए उन्हें सतर्क और सजग रहने का मजबूत संदेश दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री सिद्धार्थ वर्मा के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज श्री राकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल मय टीम द्वारा जगदीश पब्लिक स्कूल, गौरी श्रीराम, थाना विशुनपुरा में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को गंभीरता से समझा।
साइबर सेल टीम ने छात्राओं को बताया कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल और इंटरनेट जितने उपयोगी हैं, उतने ही खतरनाक भी हो सकते हैं यदि सतर्कता न बरती जाए। इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट से जुड़ी धोखाधड़ी के तरीकों को उदाहरण सहित समझाया गया। साथ ही ओएलएक्स फ्रॉड, फर्जी वेबसाइट, फेसबुक व व्हाट्सएप हैकिंग, क्यूआर/बारकोड फ्रॉड और हनी ट्रैप जैसे मामलों से बचाव के उपायों पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त सिम कार्ड स्वैपिंग, बायोमेट्रिक फ्रॉड, फोन कॉल के माध्यम से ठगी, पॉलिसी, चिटफंड, लॉटरी के नाम पर ठगी तथा ऑनलाइन खरीद-बिक्री में होने वाले साइबर अपराधों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर सुरक्षित रहने के लिए मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और अनजान लिंक से दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बताया गया कि साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि पीड़ित समय रहते शिकायत दर्ज कराकर नुकसान से बच सकें।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर जागरूकता ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। जनपद पुलिस भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों के माध्यम से समाज के हर वर्ग, विशेषकर छात्राओं, को सुरक्षित डिजिटल वातावरण देने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।




