

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
कुशीनगर। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जनपद कुशीनगर के विशुनपुरा थाना परिसर में साइबर जागरूकता दिवस का भव्य एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल, लिंक और ओटीपी जैसे खतरों से सतर्क करना रहा। आयोजन के दौरान साइबर टीम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साइबर टीम प्रभारी मनोज पंत ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक भेजना, लॉटरी और इनाम का झांसा देकर ठगी करना आज आम हो गया है। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई भी बैंक या संस्था फोन पर ओटीपी, पिन या पासवर्ड नहीं मांगती, ऐसे कॉल या मैसेज से तुरंत सावधान हो जाएं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो आधे घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है। समय पर की गई शिकायत से धनराशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके लिए भारत सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करने अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को मोबाइल सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड, सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जागरूक नागरिक ही साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम कर सकते हैं। आयोजन के अंत में लोगों ने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया और पुलिस के इस प्रयास की सराहना की।
