
विलेज फास्ट टाइम्स | गोपालगंज (बिहार) अमित कुमार कुशवाहा की खास रिपोर्ट
बिहार के गोपालगंज जिले से आस्था को झकझोर देने वाली एक अत्यंत गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है। जिले के विश्वविख्यात धार्मिक स्थल थावे दुर्गा मंदिर में बीती रात हुई बड़ी चोरी ने न केवल मंदिर प्रशासन बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मां दुर्गा के दरबार में हुई इस वारदात के बाद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश, भय और नाराजगी का माहौल व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अज्ञात चोरों ने सुनियोजित तरीके से मंदिर में घुसकर मां दुर्गा की प्रतिमा से सोने-चांदी के मुकुट, हार, छतरी सहित अन्य बहुमूल्य आभूषण चुरा लिए। इतना ही नहीं, मंदिर परिसर में लगे लॉकर को भी तोड़कर चोर लाखों के आभूषण लेकर फरार हो गए। यह घटना मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता को उजागर करती है।
पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने बताया कि यह चोरी देर रात लगभग 11:30 से 12:00 बजे के बीच हुई। दो अज्ञात चोर, जो चेहरे पर मास्क लगाए हुए थे, मंदिर के पीछे के रास्ते से सीढ़ी के सहारे अंदर दाखिल हुए। चोरों के पास कटर मौजूद था, जिससे उन्होंने मंदिर का ताला काटा और बेहद बेखौफ अंदाज़ में मां दुर्गा की प्रतिमा से आभूषण निकाल लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों चोर उसी रास्ते से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर को सुरक्षित कर जांच अभियान शुरू किया गया। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाकर वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, हालांकि शुरुआती जांच में सुरक्षा में गंभीर चूक की आशंका जताई जा रही है।
एसपी अवधेश दीक्षित ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की जा रही है। मंदिर में तैनात निजी सुरक्षा गार्ड की भूमिका भी जांच के दायरे में है। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही है। साथ ही भविष्य में मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि अगर आस्था के सबसे बड़े केंद्र भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या भरोसा? श्रद्धालुओं में भारी रोष है और वे जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सभी तकनीकी और फील्ड संसाधनों का उपयोग कर जल्द ही इस चोरी का खुलासा किया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चुनौती को कितनी गंभीरता से लेता है।
