
18 दिसम्बर | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
नदी पुनरुद्धार में शून्य प्रगति पर फूटा डीएम का गुस्सा, मई तक हर हाल में काम पूरा करने का अल्टीमेटम
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपद में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन, सख्त और तथ्यपरक समीक्षा की। बैठक का माहौल उस समय और गंभीर हो गया जब पिछली बैठक के निर्देशों पर अमल की पोल एक-एक कर खुलती चली गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल फाइलों में नहीं, ज़मीन पर काम दिखना चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
समीक्षा के दौरान जब बांसी नदी के पुनरुद्धार कार्यों की स्थिति पूछी गई तो शून्य प्रगति सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने तीखी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि मई माह तक कार्ययोजना के अनुसार हर हाल में सभी कार्य पूरे कराए जाएं। इसके लिए माहवार लक्ष्य तय कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं हिरण्यवती नदी की साफ-सफाई और पुनर्जीवन कार्यों की भी समीक्षा करते हुए गुणवत्ता व गति दोनों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
मनरेगा योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने खेल मैदानों और मिनी स्टेडियमों की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए। उन्होंने कसया और पडरौना के बीच 5 से 6 एकड़ भूमि क्रिकेट मैदान निर्माण हेतु शीघ्र चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक विधानसभा स्तर पर भी क्रिकेट मैदानों के लिए भूमि चिन्हांकन का आदेश देकर युवाओं को खेल से जोड़ने की दिशा में बड़ा संदेश दिया।
एनआरएलएम के अंतर्गत परिवार सशक्तीकरण, रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि, बैंक क्रेडिट लिंकेज और लखपति दीदी योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि लक्ष्य नहीं, परिणाम चाहिए। योजनाओं में गुणवत्ता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वृद्धावस्था पेंशन योजना की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पात्र जीवित लाभार्थियों के सत्यापन, लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण और अनावश्यक देरी पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पेंशन गरीब और बुजुर्ग का अधिकार है, इसमें लापरवाही सामाजिक अपराध है।
इसके अतिरिक्त स्पोर्ट्स विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, दिव्यांगजन कल्याण विभाग तथा जिला पोषण समिति से जुड़े मुद्दों पर भी गहन चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को चेताया कि शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचना चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, परियोजना निदेशक पीयूष, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, डीसी मनरेगा, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित सभी खण्ड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
स्पष्ट संदेश था—काम नहीं तो कार्रवाई तय!



