
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
दिनांक: 15 दिसम्बर 2025
समाज में बढ़ती असमानता, दिखावटी आडंबर और खोखले नैतिक मूल्यों के दौर में महान संत गुरु घासीदास जी की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक और चुभती हुई हैं। इन्हीं सवालों और सच्चाइयों को सामने लाने के उद्देश्य से एजूकेशन वेलफेयर ट्रस्ट, बिशुनपुरा बुजुर्ग (नोनियापट्टी), पोस्ट किन्नरपट्टी, जनपद कुशीनगर द्वारा बाबू जगजीवन राम राष्ट्रीय प्रतिष्ठान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से दिनांक 18 दिसंबर 2025 (बृहस्पतिवार) को संत गुरु घासीदास जी की जन्म जयंती पर एक भव्य लेकिन विचारोत्तेजक समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम एम.एम. एजुकेशन कॉलेज, किन्नरपट्टी, कुशीनगर में प्रातः 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक आयोजित होगा। समारोह के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर होंगे, जबकि माननीय विधायक पडरौना मनीष जायसवाल, ब्लॉक प्रमुख बिशुनपुरा बिंदवासनी श्रीवास्तव, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि नेबुआ नौरंगिया शेषनाथ यादव, एस.पी. पाण्डेय (सेवानिवृत्त जिला जज, बिहार सरकार), मो. अनीस (अध्यक्ष, आईसीटीई, लखनऊ), शफाअत हुसैन (निदेशक, वक्फ विकास निगम, उ.प्र.) एवं रमाशंकर यादव (जिला समाज कल्याण अधिकारी) विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. (प्रो.) प्रेमचंद सिंह, डॉ. राधेगोविंद शाही एवं जनाब सगीर अहमद (एडीजे सेवानिवृत्त) संत गुरु घासीदास जी के जीवन और दर्शन पर विचार रखेंगे। वक्ताओं से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे सिर्फ़ महिमा मंडन नहीं, बल्कि आज के समाज को आईना दिखाने वाला सत्य भी सामने रखें।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डॉ. आलमीन अली ने बताया कि वर्ष 1756 में छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में जन्मे संत गुरु घासीदास जी ने सत्य, समानता और करुणा का जो रास्ता दिखाया, वह आज भी सत्ता, समाज और व्यवस्था से सवाल पूछता है। उन्होंने अंधविश्वास, ढोंग और सामाजिक शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठाई और सतनामी समाज की स्थापना कर “सत्य ही जीवन है” का उद्घोष किया।
यह समारोह केवल जयंती नहीं, बल्कि उस कड़वे सत्य की याद दिलाने का प्रयास है जिसे अक्सर सुविधा के नाम पर भुला दिया जाता है। संत गुरु घासीदास जी के विचार आज भी उन लोगों को असहज करते हैं, जो समानता की बात तो करते हैं लेकिन व्यवहार में उसे कुचलते हैं। यही इस आयोजन की असली ताकत और संदेश है।
