
16 दिसम्बर | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर सरकार की मिशन शक्ति 5.0 मुहिम अब ज़मीन पर असर दिखाने लगी है। इसी क्रम में मंगलवार को जनपद कुशीनगर के विकास खण्ड पडरौना स्थित किसान इंटरमीडिएट कॉलेज, साखोपार में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक सशक्त, जागरूकता से भरपूर और संदेशात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी ने बताया कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने के लिए अंतर्विभागीय समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत विद्यालय स्तर पर बच्चों को जागरूक करना सबसे प्रभावी कदम है।
कार्यक्रम में हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह न सिर्फ शिक्षा को बाधित करता है, बल्कि स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और भविष्य को भी अंधकार में धकेल देता है। उनकी ओजस्वी बातों ने बच्चों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं—जैसे निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन, विशेष दत्तक ग्रहण इकाई—की भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि जरूरतमंद परिवार इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
वहीं जेंडर स्पेशलिस्ट श्रीमती बन्दना कुशवाहा ने प्रदेश में संचालित सभी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों—1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (वन स्टॉप सेंटर), 1090 (महिला हेल्पलाइन), 112, 108, 102—की उपयोगिता बताते हुए संकट की घड़ी में बेहिचक मदद लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित शिक्षकों और सैकड़ों छात्र-छात्राओं को बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ दिलाई गई, जिससे पूरा परिसर संकल्प और जागरूकता से गूंज उठा।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य अखिलेश सिंह, आचार्य पवन कुमार पाण्डेय, बृजेश सिंह, श्रीमती साधना सिंह, स्मृता पटेल, दीपमाला मिश्रा सहित विद्यालय के समस्त शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
👉 बाल विवाह के खिलाफ यह अभियान न सिर्फ एक कार्यक्रम रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत संदेश बनकर उभरा।



