
22 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित एवं छद्म व्यक्तियों द्वारा फर्जी रजिस्ट्रेशन की संभावनाओं से मुक्त करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। शासन के निर्देशानुसार अब संपत्ति पंजीकरण में आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू की जाएगी।
इस संबंध में सहायक निरीक्षक निबंधन बी.एस. वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 अगस्त 2025 को आयोजित स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की समीक्षा बैठक में संपत्ति पंजीकरण के दौरान फर्जीवाड़े पर रोक लगाने हेतु आधार आधारित प्रमाणीकरण लागू करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
उन्होंने बताया कि अधिसूचना संख्या 15/2024/2491/श-का-तख/2024 दिनांक 02 अगस्त 2024 के माध्यम से रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 की धारा-69 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य सरकार की स्वीकृति उपरांत “उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण नियमावली, 2024” को लागू किया गया है। इसके तहत स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से दस्तावेजों का ऑनलाइन आवेदन एवं पंजीकरण किया जा रहा है।
नियमावली के अंतर्गत आधार संख्या धारकों की पहचान e-KYC के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर एवं आधार आधारित ई-हस्ताक्षर को ई-निष्पादन की परिभाषा में सम्मिलित किया गया है, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया तकनीकी रूप से अधिक सशक्त हो गई है।
नियम-3 एवं 4 के तहत उप-निबंधक कार्यालयों में पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है, जिसमें दस्तावेजों का विवरण सॉफ्टवेयर में प्रविष्ट करने के उपरांत चयनित तिथि पर निष्पादकों एवं गवाहों के बायोमेट्रिक अंगूठे के निशान एवं फोटो अपलोड कर पंजीकरण किया जाता है।
बी.एस. वर्मा ने बताया कि UIDAI द्वारा विकसित वैधानिक एवं तकनीकी आधार प्रमाणीकरण व्यवस्था वर्तमान में उपलब्ध है। इसी क्रम में 16 दिसंबर 2022 को जारी अधिसूचना के तहत पक्षकारों की सहमति के उपरांत पंजीकरण प्रक्रिया में आधार प्रमाणीकरण लागू किए जाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उप-निबंधक कार्यालय पड़रौना सदर, हाटा, कसया, तमकुहीराज, कप्तानगंज एवं खड्डा में 1 फरवरी 2026 से पंजीकरण के दौरान पक्षकारों एवं गवाहों की पहचान हेतु आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा।
प्रशासन का यह निर्णय न केवल संपत्ति पंजीकरण में पारदर्शिता लाएगा, बल्कि फर्जी रजिस्ट्रियों पर प्रभावी अंकुश लगाकर आमजन के हितों की मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

