
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | 07 जनवरी
जनपद कुशीनगर में पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण विस्तार और गंगा स्वच्छता को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, गंगा अभियान और आर्द्रभूमि संरक्षण से जुड़े कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक का माहौल पूरी तरह प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही से भरा रहा।
बैठक में वृक्षारोपण महाअभियान–2025 के अंतर्गत 09 जुलाई 2025 को एक ही दिन में जनपद भर में लगाए गए 39,72,500 पौधों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें वन विभाग द्वारा 10,49,600 तथा अन्य 23 विभागों द्वारा 29,22,900 पौधे रोपित किए गए थे। समीक्षा में पौधों की देखरेख, सुरक्षा, जीवितता और जियो-टैगिंग की प्रगति को गंभीरता से परखा गया।
इस दौरान एक अहम तथ्य सामने आया कि गृह विभाग और राजस्व विभाग द्वारा जियो-टैगिंग का कार्य अब तक पूर्ण नहीं किया गया है। इस लापरवाही पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को तीन दिवस के भीतर शत-प्रतिशत जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरणीय योजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही बैठक में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला आर्द्रभूमि समिति के अंतर्गत गंगा ग्राम सेवा समिति के गठन, वेटलैंड चिन्हांकन, नालों की टैपिंग, ग्रीन चौपाल संचालन, जैव विविधता समिति के गठन और जैव विविधता रजिस्टर तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी गहन समीक्षा हुई। सीडीओ ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लक्ष्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में डीएफओ वरुण कुमार, उप जिलाधिकारी मु. जफर, डीसी मनरेगा राकेश कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, ईओ एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर की राय:
यह बैठक साफ संकेत देती है कि कुशीनगर प्रशासन अब सिर्फ योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम चाहता है। पर्यावरण, वृक्षारोपण और गंगा संरक्षण को लेकर सीडीओ का सख्त तेवर आने वाले दिनों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा। जनता को अब सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हरियाली और स्वच्छता के ठोस परिणाम देखने की उम्मीद है।


