

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | 06 जनवरी
शासन की मंशा के अनुरूप शासकीय क्रय प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में जनपद कुशीनगर में बड़ा कदम उठाया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में “जेम पोर्टल के संबंध में एक दिवसीय कार्यशाला” का भव्य एवं प्रभावशाली आयोजन जिला उद्योग केन्द्र, कुशीनगर के तत्वावधान में किया गया, जिसमें जनपद के लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों ने सहभागिता निभाई।
कार्यशाला में राज्य जेम प्रकोष्ठ, निर्यात भवन लखनऊ से पहुंचे स्टेट कोऑर्डिनेटर ट्रेनर अंकित शुक्ला ने जेम पोर्टल से जुड़े नवीनतम शासनादेशों, वस्तुओं एवं सेवाओं की ऑनलाइन खरीद प्रक्रिया, निविदा प्रणाली, भुगतान व्यवस्था तथा शासकीय क्रय की अनिवार्यता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी स्तर पर जेम पोर्टल से बाहर जाकर खरीद करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। कार्यशाला के दौरान अधिकारियों द्वारा उठाई गई तकनीकी व व्यवहारिक समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर प्रशासन की तत्परता भी देखने को मिली।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी सुश्री वंदिता श्रीवास्तव द्वारा किया गया। अपने सशक्त और अनुशासित संबोधन में उन्होंने दो टूक कहा कि शासन की मंशा तभी सफल होगी जब सभी विभाग शत-प्रतिशत जेम पोर्टल के माध्यम से ही क्रय प्रक्रिया अपनाएं। उन्होंने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक बताते हुए इसे प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया।
कार्यक्रम के संयोजक उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग केन्द्र ने अपने संबोधन में बताया कि शासन द्वारा सभी शासकीय विभागों के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद को अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने सभी विभागों से अपील नहीं, बल्कि अपेक्षा जताई कि भविष्य में जनपद कुशीनगर जेम पोर्टल के उपयोग में प्रदेश में उदाहरण बने।
कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित जनपद के समस्त जिला स्तरीय विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कुल मिलाकर यह कार्यशाला प्रशासनिक सख्ती, तकनीकी जागरूकता और पारदर्शी शासन व्यवस्था की दिशा में एक मजबूत संदेश बनकर उभरी, जिसने यह साफ कर दिया कि अब कुशीनगर में शासकीय खरीद “नियमों से नहीं, सिस्टम से” चलेगी।



