
30 मार्च | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर।
कुशीनगर में बाल सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर अपनी गंभीरता और प्रतिबद्धता का स्पष्ट संदेश दिया। बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) 2012 एवं नियमावली 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में त्रैमासिक अभिसरण बैठक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रभात सिंह ने की।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में बाल सुरक्षा से जुड़े हर महत्वपूर्ण पहलू पर गहन मंथन हुआ। कार्यक्रम के दौरान अधिनियम की बारीकियों, कानूनी प्रक्रिया और उसके क्रियान्वयन में आने वाली जमीनी चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि POCSO जैसे संवेदनशील कानून का प्रभावी पालन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे धरातल पर पूरी सख्ती और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाना अनिवार्य है।
बैठक में सहायक व्यक्तियों (सपोर्ट पर्सन) की भूमिका को बेहद अहम बताया गया। उनके कार्यों, जिम्मेदारियों और पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। यह भी तय किया गया कि सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मामलों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण को सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जनपद के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर के सेंटर मैनेजर, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रभारी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, जिला बाल संरक्षण इकाई सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इस बैठक ने साफ कर दिया कि अब बाल अपराधों के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
