


18 मार्च, विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद में नियमों को ठेंगा दिखाकर संचालित हो रहे अवैध ईंट भट्ठों पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल ही गया। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश एवं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (मुख्यालय) के बंदी आदेश के अनुपालन में बुधवार को जिला प्रशासन ने बहु-विभागीय संयुक्त टीम के साथ ग्राम पुरन्दरपुर, पोस्ट महुअवा कारखाना, थाना तुर्कपट्टी, तहसील कसया स्थित मेसर्स जय बाला जी ईंट उद्योग (जय महावीर ईंट उद्योग) पर छापा मारकर उसे तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया।
कार्रवाई के दौरान खनन विभाग, अग्निशमन विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर जब स्थलीय निरीक्षण किया, तो भट्ठा पूरी तरह संचालित अवस्था में पाया गया। हैरानी की बात यह रही कि संचालक द्वारा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से न तो स्थापना की अनुमति ली गई थी और न ही संचालन की सहमति (जल/वायु) प्राप्त की गई थी। यानी नियमों को दरकिनार कर खुलेआम पर्यावरण के साथ खिलवाड़ जारी था।
संयुक्त टीम ने बिना देर किए कार्रवाई करते हुए 18 मार्च को भट्ठे का संचालन पूर्णतः बंद करा दिया। मौके पर मौजूद प्रतिनिधि राजन सिंह को सख्त निर्देश दिए गए कि जब तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनुमति प्राप्त न हो जाए, तब तक किसी भी स्थिति में भट्ठा चालू नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए चेतावनी है, बल्कि उन जिम्मेदार तंत्रों पर भी सवाल खड़े करती है जो अब तक ऐसे अवैध संचालन से अनजान बने रहे। आखिर कब तक “कागजों की नींद” में सोए सिस्टम के बीच पर्यावरण यूं ही दम तोड़ता रहेगा?
खान अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध एवं नियम विरुद्ध संचालित खनन और ईंट भट्ठों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्रशासन की इस सख्ती से साफ है कि अब नियमों को ताक पर रखकर कारोबार करने वालों के लिए कुशीनगर में कोई जगह नहीं बची है।

