
23 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों से अवैध वसूली की शिकायतों को जिला प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी एवं डूडा (जिला शहरी विकास अभिकरण) कुशीनगर के अध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि योजना की प्रत्येक किश्त पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी स्तर पर धन की मांग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का उद्देश्य पात्र शहरी गरीबों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है, न कि किसी को अवैध लाभ पहुंचाना। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति लाभार्थियों से पैसा मांगता है, धमकी देता है या भ्रमित करता है तो उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पात्र लाभार्थियों की सूची पहले ही kushinagar.nic.in पोर्टल पर सार्वजनिक कर दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पात्र लाभार्थी की किश्त न तो रोकी जाएगी और न ही अवैध वसूली के दबाव में किसी प्रकार का समझौता किया जाएगा।
शिकायत तंत्र पूरी तरह सक्रिय
डूडा कुशीनगर द्वारा शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु विशेष तंत्र सक्रिय किया गया है। लाभार्थी अवैध वसूली, धमकी या उत्पीड़न की शिकायत डूडा कार्यालय में परियोजना अधिकारी, अपर जिलाधिकारी कार्यालय में परियोजना निदेशक या सीधे जिलाधिकारी कार्यालय में दूरभाष, लिखित अथवा ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
लाभार्थियों से दो टूक अपील
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी लाभार्थियों से स्पष्ट अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को सत्यापन, किश्त या आवास स्वीकृति के नाम पर एक भी रुपया न दें। आधार कार्ड, बैंक पासबुक या अन्य संवेदनशील दस्तावेज किसी को न सौंपें। योजना के तहत पहली किश्त आवास निर्माण शुरू करने पर, दूसरी किश्त फाउंडेशन पूर्ण होने पर और तीसरी किश्त आवास पूर्ण होने के बाद दी जाती है—वह भी पूरी तरह निःशुल्क।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। लाभार्थी सजग रहें, बहकावे में न आएं और किसी भी अनियमितता की तुरंत सूचना प्रशासन को दें।
