
17 दिसंबर | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
जनपद कुशीनगर में रबी फसलों की बुआई और सिंचाई का कार्य तेज़ी से जारी है। ऐसे में किसानों को राहत देते हुए जिला कृषि अधिकारी डॉ. मेनका ने स्पष्ट किया है कि जनपद में उर्वरकों की किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। किसानों की मांग के अनुरूप सभी प्रमुख उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और निर्धारित सरकारी मूल्य पर ही वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद के उर्वरक बिक्री केंद्रों पर यूरिया 17,946 मीट्रिक टन की भारी उपलब्धता बनी हुई है। वहीं फास्फेटिक उर्वरकों में डीएपी 6,554 मीट्रिक टन, एनपीके 6,883 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 6,837 मीट्रिक टन स्टॉक में मौजूद है। यह समस्त उर्वरक बी-पैक्स, पीसीएफ गोदामों तथा अधिकृत थोक एवं फुटकर बिक्री केंद्रों पर किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
डॉ. मेनका ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली, अवैध भंडारण अथवा टैगिंग जैसी किसी भी गड़बड़ी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनपद के सभी उर्वरक निरीक्षकों को सतर्क कर दिया गया है और लगातार आकस्मिक छापेमारी व निरीक्षण किए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान भौतिक स्टॉक और पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक का मिलान किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की सुविधा के लिए जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उर्वरक उपलब्धता या खरीद से संबंधित किसी भी समस्या पर किसान कंट्रोल रूम नंबर 8317015135 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसका त्वरित समाधान किया जाएगा।
अंत में जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे अपनी जोतबही के अनुसार ही संस्तुत मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें, ताकि उत्पादन बढ़े और मृदा स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
