
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
दिनांक: 16 दिसम्बर
जनपद कुशीनगर में मानवता और प्रशासनिक सजगता का एक प्रेरणादायी उदाहरण सामने आया है, जहाँ संवेदनशील नागरिक, पुलिस प्रशासन और महिला कल्याण विभाग के त्वरित व समन्वित प्रयासों से महज चार घंटे के भीतर एक लगभग एक वर्षीय अबोध बालिका को सकुशल उसके माता-पिता से मिला दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना कुबेरस्थान क्षेत्र के पिपरा सुजान निवासी वंदना मद्धेशिया पत्नी राहुल मद्धेशिया ने मानवीयता का परिचय देते हुए संयुक्त जिला चिकित्सालय, रवीन्द्रनगर धूस में अपने परिजनों से बिछड़ी रोती हुई बालिका को सुरक्षित थाना रवीन्द्रनगर पहुंचाया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 को अवगत कराया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी के निर्देशन में चाइल्ड हेल्प लाइन की केस वर्कर श्रीमती सुनीता पाण्डेय तथा नलिन सिंह (डिस्ट्रिक्ट मिशन मैनेजर, हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वुमेन) मौके पर पहुँचे और नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। बालिका की सूचना सोशल मीडिया समूहों, विभागीय नेटवर्क और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित की गई।
प्रशासन की इस तत्परता और सामाजिक सहयोग का ही परिणाम रहा कि कुछ ही घंटों में बालिका के माता-पिता तक सूचना पहुँच गई। आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कर माता-पिता ने अपनी पुत्री को सुरक्षित संरक्षण में प्राप्त किया।
इस सराहनीय कार्यवाही में उपनिरीक्षक महेन्द्र यादव, राहुल राय, प्रमोद सिंह यादव, धीरेन्द्र कुमार, उपेन्द्र यादव सहित महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों की भूमिका प्रशंसनीय रही। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने सभी संबंधित कर्मियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आमजन से अपील की कि बच्चों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 1098 या 112 पर सूचना दें, ताकि हर बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
