

विलेज फास्ट टाइम्स,
कुशीनगर।
भारतीय हॉकी के स्वर्णिम इतिहास को याद करते हुए शुक्रवार को कुशीनगर में हॉकी इंडिया के तत्वावधान में, हॉकी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश एवं जिला खेल कार्यालय कुशीनगर के संयुक्त सहयोग से भव्य मैत्री हॉकी मैच का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर ध्यानचंद जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। शुभारंभ समारोह में हॉकी संघ कुशीनगर के अध्यक्ष अजय कुमार त्रिपाठी और सचिव प्रियेश पांडेय ने संयुक्त रूप से पुष्प अर्पित कर मैच का उद्घाटन किया।
क्रीड़ा अधिकारी रवि कुमार निषाद ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय हॉकी के गौरवशाली 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में महिला और पुरुष वर्ग के दो रोमांचक मैच खेले गए। पहला मैच कुशीनगर रेड (बालिका) और कुशीनगर पिंक (बालिका) टीमों के बीच हुआ, जो 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। निर्णायक पेनल्टी स्ट्रोक में कुशीनगर पिंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2-0 से जीत दर्ज की।
वहीं, दूसरा मैच पुरुष वर्ग में कुशीनगर ब्लू और कुशीनगर व्हाइट टीमों के बीच खेला गया। यह मुकाबला रोमांच और जोश से भरपूर रहा, जिसमें कुशीनगर ब्लू ने 2-1 से जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम की।
विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही, हॉकी के वरिष्ठ खिलाड़ियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति प्रतीक प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे आयोजन स्थल पर तालियों की गूंज सुनाई दी।
इस अवसर पर जवाहर लाल मुंशी, आज़ाद अंसारी, सत्येंद्र सिंह, विनीत बंटी, दिनेश सिंह, कविंद्र सिंह, चंदन दूबे, सुनील प्रजापति, सुधीर त्रिपाठी, डॉ. रामानुज पांडेय, टी.एन. राय, शिवशंकर तिवारी, के.पी. सिंह, संजय मणि त्रिपाठी, बाबू नंद सिंह, अख्तर हुसैन, अमिताभ त्रिपाठी, अरविंद गोंड, सफीकुर हन्नास, सूरज कुमार, दुर्गावती, पंकज यादव, धीरेन्द्र प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी उपस्थित रहे।
अंत में हॉकी संघ के अध्यक्ष अजय कुमार त्रिपाठी ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “भारतीय हॉकी की यह शताब्दी, हमारी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत है। ऐसे आयोजन खेल संस्कृति को सशक्त बनाते हैं और युवाओं में ऊर्जा का संचार करते हैं।”
कुशीनगर में यह आयोजन भारतीय हॉकी की गौरवशाली परंपरा को नमन करने वाला ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ। 🏑🇮🇳
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