

📰 विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
स्थान – तहसील पडरौना, बांसी मेला परिसर
बांसी मेले की रौनक इस बार विवादों में घिर गई है। आरोप है कि सीलिंग की सरकारी जमीन — जिस पर किसी भी तरह का व्यावसायिक उपयोग या नीलामी प्रतिबंधित है — को मेला आयोजन के नाम पर नीलाम कर दिया गया! बताया जा रहा है कि इस नीलामी के जरिए अवैध रूप से वसूली की जा रही है, जबकि मजिस्ट्रेट की अनुमति तक नहीं ली गई।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जब इस अनियमितता की शिकायत उपजिलाधिकारी पडरौना से की, तो आश्चर्यजनक रूप से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रशासनिक मिलीभगत से सीलिंग भूमि को “राजस्व वसूली का माध्यम” बना दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कुशीनगर ने जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनता का सवाल है — “जब सीलिंग की जमीन पर कानून स्पष्ट है, तो फिर किस अधिकार से हुई ये नीलामी?”
👉 विलेज फास्ट टाइम्स की पड़ताल में यह मामला सरकारी भूमि के दुरुपयोग और राजस्व नियमों की अनदेखी का प्रतीक बनकर उभरा है। जनता अब जवाब और न्याय दोनों चाहती है।
