
दुदही/ कुशीनगर
कुशीनगर जनपद के दुदही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लखनऊ से आई विशेषज्ञ टीम ने हिस्सा लिया और आशा कार्यकत्रियों व स्वास्थ्य कर्मियों को फाइलेरिया दवा वितरण कार्यक्रम (Mass Drug Administration – MDA) के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने फाइलेरिया बीमारी की रोकथाम, लक्षण, पहचान और उपचार पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। बताया गया कि यह बीमारी मच्छरों के माध्यम से फैलती है और समय पर दवा न लेने पर यह हाथ-पैर की सूजन, विकलांगता और सामाजिक समस्याओं का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस अभियान के तहत प्रत्येक नागरिक को साल में एक बार मुफ्त में फाइलेरिया की दवा दी जाती है, जिसे स्वास्थ्यकर्मी निगरानी में खिलाते हैं। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और शरीर में मौजूद फाइलेरिया के परजीवियों को खत्म करती है।
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति दवा खाने से वंचित न रह जाए। साथ ही उन्हें दवा वितरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, लक्षित आयु वर्ग, और मना किए गए समूहों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य 2030 तक भारत को फाइलेरिया मुक्त बनाना है, और इसके लिए जनसहयोग व स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय भागीदारी बेहद आवश्यक है।
बैठक में दुदही सीएचसी प्रभारी डॉक्टर संदीप कुमार, चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग की टीम और बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्री उपस्थित रहीं। अंत में सभी से अपील की गई कि वे मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए साफ-सफाई रखें और दवा वितरण के समय जागरूकता फैलाएं।
