
कुशीनगर: टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत कुशीनगर जिले में टीयू द्वारा दुदही क्षेत्र के दो विद्यालयों—कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और जगदीश पब्लिक स्कूल—में टीबी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, लेकिन इसका इलाज पूरी तरह संभव है। खांसी का दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहना, बलगम में खून आना, वजन घटना और रात को पसीना आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि टीबी का इलाज निःशुल्क उपलब्ध है और मरीज को समय पर व नियमित दवा लेना बेहद आवश्यक है।
दोनों विद्यालयों में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और बच्चों से अपील की गई कि वे समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करें और संदिग्ध मरीजों को जांच व उपचार के लिए प्रेरित करें, ताकि वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफल बनाया जा सके।
