
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
24 नवम्बर 2025
कुशीनगर पुलिस ने आज एक ऐसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने जनपद में गोवध निवारण अधिनियम से जुड़े अपराधों पर शिकंजा और भी कड़ा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बाद पुलिस टीमों ने फर्जी जमानत रैकेट का बड़ा खुलासा करते हुए 12 व्यक्तियों के विरुद्ध एक साथ मुकदमे दर्ज किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, गोवध निवारण अधिनियम के अंतर्गत पूर्व में गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के लिए कुछ जमानतदार लंबे समय से फर्जी हलफनामों और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बार-बार जमानतें करवा रहे थे। सिर्फ इतना ही नहीं, वे जमानत की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन कर न्यायालय को भी लगातार गुमराह कर रहे थे। सत्यापन के दौरान जब यह गड़बड़ी पकड़ी गई तो पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया।
थाना कसया में मु0अ0सं0 769 से 780/2025 के रूप में कुल 12 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें धारा 229/233/237/246/318(2)/318(4)/338/336(3)/340(2) बीएनएस के तहत गंभीर आरोप शामिल हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ जमानतदारों ने तो दर्जनों बार जमानत कराई—
रितेश 39 बार, मुकेश 32 बार, दहारी 30 बार, खदेरू 28 बार, राजेंद्र सिंह 24 बार… और इस तरह कई आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे बार-बार एक ही तरह के अभियुक्तों को जमानत दिलाई। पुलिस जांच में इसे एक संगठित और सुनियोजित रैकेट माना जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि अभी यह कार्रवाई शुरुआत भर है। इन 12 जमानतदारों के अलावा, इस पूरे खेल में जिन लोगों ने सहयोग किया है, उनकी भी पहचान की जा रही है। गहन विवेचना के बाद कई और नाम सामने आने की संभावना है, और अगली कार्रवाई और भी बड़ी हो सकती है।
कुशीनगर पुलिस ने साफ कर दिया है कि गोवध से जुड़े अपराध हों या न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास—दोनों ही मामलों में अब किसी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में सख्ती और अपराधियों में खौफ स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।
विलेज फास्ट टाइम्स आपको इस मामले की हर अपडेट सबसे पहले उपलब्ध कराता रहेगा।
