
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | 18 जनवरी
जनपद कुशीनगर में ग्रामीण विकास को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक ऐतिहासिक पहल की है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत क्रिटिकल गैप्स योजना के तहत कुल ₹154.05 लाख की लागत से 08 महत्वपूर्ण विकास कार्यों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विशेष बात यह है कि इन सभी कार्यों के लिए संपूर्ण धनराशि एक साथ अवमुक्त कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्यों को तत्काल गति मिलेगी और योजनाएँ कागज़ से निकलकर ज़मीन पर उतरती दिखाई देंगी।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन विकास कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सशक्त करना, आवागमन को सुगम बनाना, स्वच्छता को बढ़ावा देना तथा शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह योजना कुशीनगर के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का मजबूत माध्यम बनेगी।
₹39.85 लाख की लागत से चार प्रमुख कार्य कराए जाएंगे। इसके अंतर्गत बांसीघाट एवं हिरण्यावती नदी पर शौचालय एवं चेंजिंग रूम का नवनिर्माण, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कसया में पहुँच मार्ग का निर्माण तथा पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, मिल्की कुशीनगर में बाउंड्रीवाल का निर्माण शामिल है। ये कार्य स्वच्छता, छात्र सुरक्षा और संस्थागत सुविधाओं को नई मजबूती देंगे।
वहीं ₹94.20 लाख की लागत से तीन बड़े कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। विधानसभा हाटा क्षेत्र अंतर्गत असना–सितुहिया–रोहुआ–मछरगांवा मार्ग से राजकीय आईटीआई भलुआ मोतीचक तक संपर्क मार्ग का निर्माण, संविलियन उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर जंगल (विकास खण्ड खड्डा) में बाउंड्रीवाल का निर्माण तथा कप्तानगंज–नौरंगिया मार्ग से खोटही मणिताल संपर्क मार्ग का नव निर्माण कराया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण इलाकों का सीधा जुड़ाव मुख्य मार्गों से होगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और आपात सेवाओं तक पहुँच आसान बनेगी। साथ ही खोटही मणिताल मार्ग के सुदृढ़ होने से पर्यटन को भी नई ऊर्जा मिलने की संभावना है।
इसके अतिरिक्त जनहित में ₹20.00 लाख की लागत से विकास खण्ड कप्तानगंज की ग्राम सभा सेन्दुरिया में डीह बाबा के स्थान से काली माता मंदिर तक सी०सी० रोड का निर्माण कराया जाएगा। यह मार्ग श्रद्धालुओं और ग्रामीणों दोनों के लिए सुविधाजनक साबित होगा और क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देगा।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं—अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (निर्माण खण्ड) कुशीनगर एवं अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग कुशीनगर—को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्य शासन द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों, गुणवत्ता मापदंडों एवं ई-टेंडरिंग नियमों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराए जाएँ। उन्होंने दो टूक कहा कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत कार्य अनिवार्य रूप से 31 मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएँ तथा प्रत्येक कार्यस्थल पर योजना से संबंधित जानकारी शिलापट्ट या सूचना बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित की जाए, ताकि आमजन को विकास कार्यों की पूरी जानकारी मिल सके।
यह पहल ग्रामीण कुशीनगर के लिए विकास की नई सुबह का संकेत है। सड़कों से लेकर विद्यालयों की सुरक्षा, घाटों पर स्वच्छता से लेकर धार्मिक मार्गों के निर्माण तक—यह योजना गांवों की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है। जिला प्रशासन की यह सक्रियता स्पष्ट संदेश देती है कि अब विकास केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर गांव में उसकी ठोस झलक दिखाई देगी।







