
कुशीनगर/विशेष रिपोर्ट
कुशीनगर जनपद में क्रिसमस और नववर्ष के जश्न के बीच शराब दुकानों के संचालन समय को लेकर प्रशासन ने कड़क रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण परिवर्तन लागू कर दिया है। जिलाधिकारी/लाइसेंस प्राधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने शासनादेश के अनुपालन में त्योहारों के दौरान विशेष व्यवस्था की घोषणा की, ताकि भीड़, सुरक्षा और विधि व्यवस्था पर सख्त निगरानी बनी रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 24 और 25 दिसंबर 2025 (क्रिसमस पर्व) तथा 30 और 31 दिसंबर 2025 (नववर्ष पर्व) को जनपद में संचालित सभी आबकारी दुकानों को सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक खोलने की अनुमति रहेगी। यह निर्णय त्योहारों के दौरान बढ़ती आवाजाही और मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, साथ ही अनियंत्रित भीड़ व अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन ने समय सीमा पर कड़ा पहरा लगाने की तैयारी कर ली है।
दिलचस्प बात यह है कि इन चार विशेष तिथियों को छोड़कर अन्य दिनों में आबकारी दुकानों का संचालन पूर्व निर्धारित समय — सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक ही रहेगा। यानी त्योहारों की रंगत थोड़ी लंबी, लेकिन प्रशासनिक नजर और ज़िम्मेदारी पहले से ज्यादा तीखी!
जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि आदेश का अक्षरशः पालन कराया जाए। किसी भी दुकान पर समय सीमा उल्लंघन, ओवररेटिंग, अवैध बिक्री, या अनियमितता पाई जाती है तो तुरंत कठोर कार्रवाई की जाएगी। आदेश में यह भी संकेत है कि “त्योहार खुशी का समय है, लेकिन नियमों की अनदेखी की कीमत किसी को महंगी पड़ सकती है।”
ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर नगर तक, इस फैसले पर चर्चाओं का दौर गर्म है। कुछ लोग इसे “व्यवस्था को नियंत्रण में रखने वाला कदम” बता रहे हैं, तो कुछ “त्योहारों में पाबंदियों की जरूरत” पर सवाल भी उठा रहे हैं। लेकिन ज़मीनी सच्चाई साफ है — कुशीनगर प्रशासन त्योहारों की चमक में अव्यवस्था का अंधेरा पसारने नहीं देगा।
संदेश साफ — जश्न कीजिए, पर नियमों की सीमा में… क्योंकि इस बार निगरानी भी होगी और जवाबदेही भी!
