
21 जनवरी, विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर।
असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना को लेकर जनपद कुशीनगर में व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। श्रम विभाग द्वारा गांव-गांव, बाजारों, हाटों और कार्यस्थलों पर श्रमिकों को योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने बताया कि यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है और जो आयकर दाता नहीं हैं, इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करा सकते हैं। योजना के तहत श्रमिक द्वारा न्यूनतम मासिक अंशदान पर 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद आजीवन कम से कम 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन सुनिश्चित की जाती है। यह न केवल आर्थिक सहारा है, बल्कि श्रमिकों के भविष्य की गारंटी भी है।
योजना के अंतर्गत रिक्शा चालक, ठेला व फेरी लगाने वाले, मोची, नाई, धोबी, माली, दर्जी, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, दूध दुहने वाले, पशुपालक, ईंट-भट्ठा मजदूर, दुकानों में कार्यरत कर्मचारी, होटल-ढाबा कर्मी सहित असंगठित क्षेत्र के लगभग सभी श्रमिक पात्र हैं। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र श्रमिक इस सुरक्षा छतरी से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि जनपद कुशीनगर में अब तक 22,177 असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है। शेष पात्र श्रमिकों को योजना से जोड़ने के लिए विभाग लगातार शिविर, जागरूकता बैठकें और फील्ड अभियान चला रहा है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—अब बुढ़ापा असहाय नहीं, बल्कि सुरक्षित होगा।
पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह सरल और पारदर्शी है। श्रमिक ई-श्रम कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर अथवा www.mandhan.in वेबसाइट के माध्यम से स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए श्रमिक सीधे श्रम कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
यह अभियान केवल योजना का प्रचार नहीं, बल्कि श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है। प्रशासन की अपील है कि सभी पात्र श्रमिक समय रहते पंजीकरण कराकर इस ऐतिहासिक योजना का लाभ

