
03 दिसम्बर – विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कुशीनगर जिला मुख्यालय का स्टेडियम आज मानवता, संवेदना और उत्साह का एक अनोखा पर्व बन गया। विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग एवं जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भव्य सहायक उपकरण वितरण शिविर एवं खेल–कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा और संघर्ष की चमक से पूरे मैदान का माहौल बदल दिया।
मुख्य अतिथि मा० विधायक सदर मनीष जायसवाल एवं जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मुख्य विकास अधिकारी, बीएसए, समाज कल्याण अधिकारी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी और जिला क्रीड़ा अधिकारी के साथ कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा।
इसके बाद जो नज़ारा देखने को मिला उसने हर किसी का मन मोह लिया। बच्चों के बीच आयोजित क्रिकेट मैच का शुभारंभ स्वयं जिलाधिकारी और विधायक ने बल्लेबाजी कर किया। मैदान में बच्चों की खुशी और उत्साह देखते ही बनता था। दिव्यांग बच्चों के हर चौके–छक्के पर स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। यह केवल एक खेल नहीं था—यह आत्मविश्वास, हौसले और सपनों का उत्सव था।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, ट्राइसाइकिल, ब्रेल किट सहित अनेक सहायक उपकरण प्रदान किए गए। जिन बच्चों को अब तक इन उपकरणों की सख्त जरूरत थी, उनके चेहरों पर पहली बार उम्मीद और राहत की चमक दिखी। बच्चों के अभिभावकों ने भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम न सिर्फ सहारा देते हैं बल्कि बच्चों की जिंदगी में नई दिशा और नई रफ्तार जोड़ते हैं।
खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग बच्चों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। मेडल और ट्रॉफी प्राप्त करते समय बच्चों की आंखों में जो चमक थी, वह इस बात का प्रमाण थी कि अवसर मिलने पर वे किसी से कम नहीं।
अपने संबोधन में विधायक मनीष जायसवाल और जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि “दिव्यांगजन किसी बोझ का नाम नहीं, बल्कि अपार क्षमता और प्रतिभा का नाम हैं। सरकार उनके सशक्तिकरण के लिए अनगिनत योजनाएं चला रही है और ऐसे कार्यक्रम समाज को जोड़ने और संवेदनशील बनाने का माध्यम हैं।” उन्होंने अभिभावकों और विभागीय अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन जिले की सोच और दिशा को नया मुकाम देते हैं।
जिला स्टेडियम में दिव्यांग बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभागीय अधिकारियों की भारी भीड़ उमड़ी रही। हर तरफ खुशी, भावनाओं और उत्साह का माहौल था। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि अवसर मिले, सुविधा मिले और हौसला मिले—तो दिव्यांगजन भी जीवन के हर क्षेत्र में स्वर्णिम भविष्य लिख सकते हैं।
दिन भर चले इस विशेष आयोजन ने कुशीनगर में विश्व दिव्यांग दिवस को एक यादगार पर्व में बदल दिया, जहां संवेदनाओं ने साथ दिया और मुस्कुराहटों ने जीत हासिल की।







