
कप्तानगंज कबाड़ की दुकानों पर चोरी की गाड़ियां कटने की चर्चा तेज, लोगों में आक्रोश, पुलिस की भूमिका पर सवाल।
जिले में किसी के पास गाड़ी कटिंग का लाइसेंस नहीं, बावजूद इसके चोरी की गाड़ियां काटने की घटना बढ़ी।
कुशीनगर में कबाड़ की दुकानों पर गाड़ी कटिंग का खुला खेल

कुशीनगर जनपद के कसया थाना क्षेत्र के सबया एनएच-28 पर स्थित गौरीशंकर मोटरपार्टस कबाड़ की दुकान पर अवैध तरीके से वाहन काटे जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यहां छोटे-बड़े वाहन, लक्जरी कारें और ट्रक काटकर उनके स्प्रेयर बाहर भेजे जा रहे हैं। चर्चा है कि इसमें चोरी की गाड़ियां भी शामिल हैं।

जिले में किसी भी कबाड़ की दुकान को वाहन कटिंग का लाइसेंस नहीं मिला है और न ही आरटीओ विभाग ने किसी दुकान को अधिकृत किया है। इसके बावजूद यह कार्य खुलेआम चल रहा है।
इस मामले ने स्थानीय लोगों में चिंता और आक्रोश बढ़ा दिया है। सवाल उठता है कि जिले में संचालित तमाम कबाड़ की दुकानों पर वाहनों की कटिंग किसके संरक्षण में की जा रही है। प्रशासन और पुलिस इस दिशा में अब तक चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि कानून की स्पष्ट धारा के तहत यह कार्य पूरी तरह अवैध है।
यह स्थिति सुरक्षा और चोरी-छिपे गाड़ियों की निगरानी के प्रति गंभीर चेतावनी देती है।

कसया में कबाड़ की दुकानों पर चोरी का साया
कसया के सबया एनएच-28 पर स्थित गौरीशंकर मोटरपार्टस कबाड़ की दुकान पर छोटे-बड़े और लक्जरी वाहनों की कटिंग एक खुला मामला बन गया है। चर्चा है कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कबाड़ की दुकानों के पीछे चोरी का माल खपाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अपराधियों को अप्रत्यक्ष रूप से कबाड़ियों का संरक्षण मिलता है। पुलिस और प्रशासन अगर इन दुकानों और गोदामों की सही जांच करें, तो कबाड़ की आड़ में चोरी का माल खरीदने की पूरी पोल खुल सकती है। स्थानीय लोग इस मामले को लेकर चिंतित हैं।

कसया में चोरी की गाड़ियों का खुला कारोबार
कसया थाना क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक कबाड़ की दुकानों पर दिन के उजाले में चोरी की गाड़ियां पलक झपकते ही अलग-अलग पार्ट्स में तब्दील कर दी जाती हैं। सूत्रों के अनुसार, दर्जनों मजदूर गैस कटर से दिन-रात वाहनों को काटते हैं। स्थानीय व्यक्ति, जो पहले कबाड़ की दुकान चलाता था, इन अवैध कारोबारियों का मार्गदर्शन करता है। कथित सफेदपोश और पत्रकारों के संरक्षण में चार पहिया और ट्रक कटते हैं, चेसिस नंबर व वाहन की बॉडी भी बदल दी जाती है। प्रशासन और पुलिस इस खुली धांधली पर मौन हैं।

कसया में कबाड़ की दुकानों पर गाड़ी कटिंग
गौरीशंकर मोटरपार्टस संचालक मन्नू गुप्ता ने कहा कि गाड़ियों की कटिंग सिर्फ उनकी दुकान पर नहीं होती, कसया-पडरौना में तीन दर्जन से अधिक दुकानों में होती है। लाइसेंस के सवाल पर चुप्पी साधी और कहा, “सभी लोग ऐसे ही काम करते हैं।”

कसया में वाहन कटिंग का खुला खेल
एआरटीओ कार्यालय के अनुसार, जिले में वाहन काटने के लिए कोई भी कबाड़ व्यापारी पंजीकृत या अधिकृत नहीं है। इसके बावजूद कसया क्षेत्र की लगभग एक दर्जन कबाड़ की दुकानों पर भारी वाहनों की कटिंग बेखौफ जारी है। व्यापारी इस संबंध में एआरटीओ को कोई सूचना नहीं देते, जिससे अवैध कारोबार आसानी से चल रहा है और प्रशासन की निगरानी नाकाफी साबित हो रही है।

