
16 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय अभियान “बाल विवाह मुक्त भारत (Bal Vivah Mukt Bharat – BVMB)” के अंतर्गत जनपद कुशीनगर में 100 दिवसीय विशेष अभियान को धार देने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। यह विशेष अभियान 27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका लक्ष्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर निर्णायक प्रहार करना है।
शपथ कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाल विवाह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के अधिकारों पर सीधा आघात है। उन्होंने अधिकारियों को बाल विवाह की रोकथाम हेतु “शून्य सहनशीलता” की नीति अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी से यह संकल्प कराया कि जनपद में बालक-बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और किसी भी बाल विवाह की सूचना मिलते ही त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान अवधि में जनपद के प्रत्येक गांव, विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र तक जागरूकता का संदेश पहुंचे। ग्राम-स्तर पर सतत निगरानी, जनसंवाद, रैलियों, सभाओं, पोस्टर-प्रचार, विद्यालयी गतिविधियों और महिला समूहों के माध्यम से समाज को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन अकेले नहीं, बल्कि समाज के सहयोग से ही इस कुरीति को जड़ से समाप्त कर सकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह की रोकथाम केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन के रूप में संचालित किया जाएगा। प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाएगा और लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी।
उल्लेखनीय है कि “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान का मूल उद्देश्य बाल विवाह की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाना, समुदाय स्तर पर चेतना विकसित करना तथा कानूनी प्रावधानों व जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कुशीनगर प्रशासन का यह संकल्प जिले को बाल विवाह से मुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।





