
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर 30 दिसम्बर,
जनपद कुशीनगर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय हाटा एवं आश्रम पद्धति महिला विद्यालय हेतिमपुर, हाटा में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला कल्याण विभाग की हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम द्वारा किया गया, जिसमें छात्राओं को बाल विवाह के सामाजिक, मानसिक व कानूनी दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर नलिन सिंह ने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि बाल विवाह केवल परंपरा नहीं, बल्कि भविष्य को अंधेरे में धकेलने वाली सामाजिक कुरीति है। उन्होंने बाल विवाह से होने वाली शारीरिक, मानसिक व शैक्षणिक क्षति को विस्तार से समझाते हुए छात्राओं को “बाल विवाह न करने व न होने देने” की शपथ दिलाई।
इस दौरान राहुल कुमार, केस वर्कर—चाइल्ड हेल्पलाइन ने छात्राओं को कानूनी उम्र (लड़का 21 वर्ष, लड़की 18 वर्ष) की स्पष्ट जानकारी देते हुए कहा कि यदि कहीं भी कम उम्र में विवाह की तैयारी दिखे, तो तुरंत 1098 या 112 पर सूचना दें—यह केवल सूचना नहीं, किसी का जीवन बचाने का कदम है।
जेंडर स्पेशलिस्ट प्रीति सिंह ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं—निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)—के लाभ व पात्रता पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं श्रीमती बंदना कुशवाहा ने छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वन स्टॉप सेंटर 181, महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, स्वास्थ्य सेवा 108 व 102 के महत्व से अवगत कराया और इनके उपयोग को स्वयं की सुरक्षा के हथियार के रूप में बताया।
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली क्षण तब रहा जब कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल विवाह के दर्द, शोषण और भविष्य छिन जाने की पीड़ा को मंचित किया—दर्शकदीर्घा में सन्नाटा और आंखों में तड़प साफ दिखी।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य राकेश यादव, रेहाना, विनीता राय, निहारीका सिंह, (महिला कल्याण विभाग से) शशिकला कुशवाहा, मुनीष कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में नलिन सिंह ने कहा—“बाल विवाह की सूचना देना सामाजिक जिम्मेदारी है। 1098 पर एक कॉल—और एक बच्ची का भविष्य सुरक्षित।”
जिला प्रोबेशन अधिकारी कुशीनगर ने विलेज फास्ट टाइम्स से बातचीत में कहा कि जनपद में बाल विवाह रोकथाम हेतु लगातार प्रभावी अभियान जारी रहेगा और समाज के सहयोग से “बाल विवाह मुक्त कुशीनगर” का लक्ष्य पूरा होगा।




