
16 जनवरी | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विकास कार्यक्रमों की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का माहौल पूरी तरह प्रशासनिक सख्ती से भरा रहा। जिलाधिकारी ने कम रैंकिंग वाले विभागों को कटघरे में खड़ा करते हुए एक-एक बिंदु पर प्रगति की पड़ताल की और स्पष्ट शब्दों में चेताया कि अब बहाने नहीं, परिणाम चाहिए।
बैठक में पीएम सूर्यघर योजना, आईसीडीएस, एनआरएलएम, जल जीवन मिशन, फैमिली आईडी, छात्रवृत्ति योजनाएं, मुख्यमंत्री युवा कल्याण योजना तथा नई सड़कों के निर्माण सहित तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक विभाग से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट लेकर वास्तविक स्थिति की पड़ताल की और जहां भी ढिलाई दिखी, वहां कड़ी फटकार लगाई।
पीएम सूर्यघर योजना के तहत जनपद को मिले 1600 के लक्ष्य के सापेक्ष बेहद कमजोर प्रगति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दो टूक निर्देश देते हुए कहा कि जनवरी में 500 और फरवरी में 500 लाभार्थियों को योजना से आच्छादित कर लक्ष्य पूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी, डीपीआरओ और बेसिक शिक्षा अधिकारी के समन्वय से विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों की पहचान तेज़ी से हो सके।
फैमिली आईडी की समीक्षा के दौरान विगत 15 दिनों से शून्य प्रगति वाले चार खंड विकास अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि यदि आगामी शुक्रवार तक सुधार नहीं हुआ तो शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने आईसीडीएस, एनआरएलएम और जल जीवन मिशन जैसी जनहितकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता को “अक्षम्य” बताते हुए कहा कि ये योजनाएं सीधे आमजन से जुड़ी हैं, इनमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छात्रवृत्ति एवं फैमिली आईडी की धीमी रफ्तार पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों का त्वरित चिन्हांकन कर समयबद्ध डाटा अपलोड सुनिश्चित किया जाए। नई सड़कों के निर्माण की समीक्षा में गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी कार्य मानकों के अनुरूप और तय समय में पूर्ण हों। मुख्यमंत्री युवा कल्याण योजना पर बोलते हुए उन्होंने युवाओं को अधिकाधिक रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सक्रिय पहल के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग सुधारना प्रत्येक अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और ईमानदार रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। लापरवाही, उदासीनता या गलत रिपोर्टिंग पर सीधी कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारी तय होगी।
अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारने का आह्वान किया, ताकि कुशीनगर जनपद सीएम डैशबोर्ड पर बेहतर स्थान प्राप्त कर सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, उप कृषि निदेशक, डीपीआरओ सहित सभी जनपद स्तरीय एवं खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

