
01 दिसम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
कुशीनगर में मानवता को झकझोर देने वाले एक मामले में आखिरकार एक बड़ी राहत भरी ख़बर सामने आई है। जिला प्रोबेशन अधिकारी ध्रुव चन्द्र त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि चाइल्ड हेल्पलाइन कुशीनगर द्वारा दिनांक 11 नवम्बर 2025 को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई लगभग तीन वर्षीय अज्ञात बालिका के परिजनों का सुराग मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
यह मासूम बच्ची, जिसका नाम, पता व माता–पिता प्रारंभ में अज्ञात थे, शिव दुलारी ग्राम, दलदपट शाही स्कूल, लाला टोला, अहिरौली कुस्मही, थाना रामकोला क्षेत्र से बरामद हुई थी। ग्रामीणों की जानकारी और निरंतर खोजबीन के बाद संभावित परिजनों की जानकारी समिति तक पहुँची है।
बाल कल्याण समिति कुशीनगर ने बेहद संवेदनशीलता के साथ बच्ची को वन स्टॉप सेंटर कुशीनगर में सुरक्षित अल्पावासित करवाया है, जहां उसकी देखभाल, सुरक्षा, भोजन व स्वास्थ्य की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग द्वारा निभाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी देखभाल उच्च मानकों के अनुरूप की जा रही है।
जिला प्रशासन ने बच्ची के जैविक माता–पिता, अभिभावकों या किसी भी विधिक दावेदार से अपील की है कि वे तत्काल आगे आएं और आवश्यक प्रमाणों के साथ अपना दावा प्रस्तुत करें। दावा प्रस्तुत करने के लिए निम्न स्थानों पर संपर्क किया जा सकता है—
बाल कल्याण समिति, कुशीनगर
(राय भवन, निकट पुलिस अधीक्षक आवास, रविन्द्रनगर धूस)
वन स्टॉप सेंटर, कुशीनगर
चाइल्ड हेल्पलाइन कुशीनगर
अधिकारियों ने बताया कि बालिका को 11.11.2025 को विधिक प्रक्रिया के तहत समिति के सामने प्रस्तुत किया गया था और तब से उसकी सुरक्षा व पुनर्वास की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्ची मिलने की खबर फैलते ही क्षेत्र में संवेदना से भरा माहौल बन गया। हर कोई इस मासूम को उसके वास्तविक परिवार से मिलते देखने की उम्मीद कर रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जैविक संबंधों का प्रमाण मिलने के बाद ही बच्ची को सुपुर्द किया जाएगा, ताकि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कब इस मासूम को उसका अपना परिवार मिल पाता है और उसकी मुस्कान फिर से खिल उठती है।

