
विलेज फास्ट टाइम्स — कुशीनगर
01 दिसंबर — विशेष रिपोर्ट
लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि, गांव में हेल्थ इमरजेंसी—24 घंटे डॉक्टर तैनात
98 बच्चों के बीमार होने की खबर झूठी, प्रशासन ने किया खंडन
कुशीनगर जनपद के खड्डा तहसील क्षेत्र के ढोलहा गांव के गुलहरिया टोले में तीन मासूम बच्चों की मौत के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। क्षेत्र में फैली बीमारी ने गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जिसके बाद आज मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा स्वयं मौके पर पहुंचे। उनके साथ डीआईजी एसएस चिनप्पा, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार का पूरा प्रशासनिक दल मौजूद रहा।
कमिश्नर के गांव पहुंचते ही माहौल बदल गया—चारों ओर प्रशासनिक वाहन, स्वास्थ्य विभाग की टीमें, अधिकारी और जांच का माहौल… मानो पूरा गांव एक विशेष निगरानी ज़ोन में बदल गया हो।
कमिश्नर ढींगरा ने सबसे पहले पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना जताई और फिर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए इंतजामों का जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने खुद ग्रामीणों से बातचीत कर बीमारी के लक्षणों, हालात और उपचार की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए कैम्प में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की जांच चल रही थी, जिसे आयुक्त ने गंभीरता से परखा।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही मेडिकल टीम ने 731 ग्रामीणों की घर-घर जाकर जांच की है। डेंगू, मलेरिया और टायफाइड की रैपिड टेस्ट रिपोर्ट में एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला। 18 बच्चों के रक्त नमूने जांच के लिए गोरखपुर भेजे गए हैं।
इसी दौरान यह पुष्टि हुई कि मृत बच्चों में से एक बच्ची खुशी के सैंपल में लेप्टोस्पायरोसिस की बीमारी पाई गई। तुरंत ही गांव में मेडिकल किट का वितरण शुरू किया गया।
वर्तमान में गांव में तीन शिफ्टों में डॉक्टर, एक एम्बुलेंस, लगातार चल रहा एंटी-लार्वा स्प्रे, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और कृषि व पशुपालन विभाग की टीम तैनात है। गांव में यह माहौल बताता है कि प्रशासन इस मामले को “सर्वोच्च प्राथमिकता” पर देख रहा है।
कमिश्नर ढींगरा ने मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए—
“जरा सी भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर स्थिति पर सतर्क निगाह रखी जाए।”
उन्होंने आसपास के गांवों में भी ऐसी किसी घटना की संभावना को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया। हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर 24 घंटे ऑपरेशनल रखने का आदेश दिया गया।
इस बीच कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा 98 बच्चों के एक साथ बीमार होने की खबर प्रकाशित की गई थी। जांच में यह खबर पूरी तरह भ्रामक और झूठी साबित हुई। कमिश्नर ने प्रशासनिक स्तर पर ऐसे प्रकाशनों पर तुरंत कार्रवाई और खंडन जारी करने को कहा, साथ ही अफवाहों पर रोक लगाने की अपील की।
निरीक्षण के बाद आयुक्त ने नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
धान क्रय केंद्र सील — आयुक्त का कड़ा रुख
दौरे के दौरान खड्डा तहसील के शीतलापुर स्थित धान क्रय केंद्र के बंद मिलने पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। तत्काल प्रभाव से क्रय केंद्र को सील करने और विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
बूथ संख्या 309 पर SIR कार्यों की रफ्तार का निरीक्षण
मण्डलायुक्त बूथ 309 (पूर्व 257) पहुंचे, जहां बीएलओ द्वारा बताया गया कि 799 मतदाताओं में से 659 का “फॉर्म डीजीटाइजेशन” पूरा हो चुका है। आयुक्त ने बीएलओ ऐप का निरीक्षण किया, जहां एक मिनट में एक आवेदन ऑनलाइन होते देखकर उन्होंने संतुष्टि जताई।










