
जिला प्रशासन ने जारी किया तिथिवार कार्यक्रम, सभी विभागों को मिले निर्देश — “विविधता में एकता” का संदेश गूंजेगा पूरे जनपद में
18 नवम्बर, कुशीनगर।
जनपद में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह सप्ताह जिलेभर में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सौहार्द और पर्यावरण संरक्षण के भाव को मजबूत करना है।
डीएम ने बताया कि पूरे सप्ताह के लिए तिथिवार कार्यक्रम तैयार कर संबंधित विभागों को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सभी तहसीलों, ब्लॉकों, शैक्षिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” का संदेश घर-घर तक पहुंचे।
तिथिवार कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा
19 नवम्बर : राष्ट्रीय अखण्डता दिवस
सप्ताह की शुरुआत राष्ट्रीय अखण्डता दिवस से होगी। इस दिन जिले भर में धर्मनिरपेक्षता, सांप्रदायिकता विरोध, अहिंसा और सामाजिक सौहार्द पर केंद्रित मीटिंग, सेमिनार और विचार गोष्ठियां आयोजित की जाएँगी। विभिन्न स्कूल-कॉलेजों में बच्चों द्वारा पोस्टर प्रतियोगिता और अखण्डता प्रतिज्ञा भी दिलाई जाएगी।
20 नवम्बर : अल्पसंख्यक कल्याण दिवस
प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम पर विशेष फोकस रहेगा। दंगा-सम्भावित क्षेत्रों में शांति मार्च और भाईचारा बढ़ाने के लिए विशेष जुलूस निकाले जाएंगे। अल्पसंख्यक समुदाय के उत्थान हेतु कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
21 नवम्बर : भाषाई सद्भावना दिवस
भारत की भाषाई विविधता को समझने और सम्मान देने के उद्देश्य से जिलेभर में कवि सम्मेलन, साहित्यिक गोष्ठियां, नाटक और विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ होंगी। विभिन्न भाषाओं की अभिव्यक्ति के माध्यम से “भाषाई एकता—राष्ट्रीय शक्ति” का संदेश दिया जाएगा।
22 नवम्बर : कमजोर वर्ग दिवस
अनुसूचित जाति, जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के हित में चल रही सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। भूमिहीन मजदूरों को अतिरिक्त भूमि के आवंटन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रैलियों और जन-जागरूकता बैठकों के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों की मदद को बढ़ावा दिया जाएगा।
23 नवम्बर : सांस्कृतिक एकता दिवस
कुशीनगर की बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत करने के लिए भव्य कार्यक्रम होंगे। “विविधता में एकता” की भारतीय परंपरा को नृत्य, गीत, रंगोली, नाटक और प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
24 नवम्बर : महिला दिवस
महिलाओं की समाज में भूमिका, सुरक्षा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित करने हेतु विशेष संगोष्ठियाँ, रैलियाँ और सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। महिला स्व-सहायता समूहों की उपलब्धियों को भी मंच दिया जाएगा।
25 नवम्बर : संरक्षण दिवस
पर्यावरण संरक्षण पर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और पर्यावरणीय सेमिनार आयोजित होंगे। “हरियाली—हमारी जिम्मेदारी” संदेश को प्रमुखता से प्रसारित किया जाएगा।
डीएम ने दिए कड़े निर्देश : “हर कार्यक्रम हो प्रभावी, संदेश पहुँचे घर-घर”
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को शासन की मंशानुसार सभी कार्यक्रमों को समयबद्ध, प्रभावी और व्यापक स्तर पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सप्ताह सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ भाग लें।
